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हाईटेक भूमिगत कूड़ेदान वाला शहर बना धर्मशाला
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:48 PM IST
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धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला रविवार को अत्याधुनिक सेंसर युक्त भूमिगत कूड़ादान परियोजना से जुड़ गई है। लाखों रुपये से शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए लगाए गए अंडर ग्राउंड डस्टबिन शहरी विकास, आवास एवं नगर मंत्री सुधीर शर्मा ने दाड़ी में लोगों को समर्पित किए।
इस अवसर जनसभा को संबोधित करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम के हर वार्ड में लगाए जा रहे सेंसर युक्त भूमिगत कूड़ेदान कचरा प्रबंधन को तो बेहतर करेंगे ही, साथ ही पर्यावरण और स्वास्थ्य को भी संरक्षित करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस तकनीक बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्कूली बच्चों का भी सहारा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीते साढ़ेे चार वर्षों के दौरान धर्मशाला क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। अनेक नई परियोजनाएं लाने में वे कामयाब रहे हैं और भविष्य में और बड़ी परियोजनाओं के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर इस परियोजना में सहयोग कर रहे अंतरराष्ट्रीय बाव्र समूह के प्रमुख पैट्रिक बाव्र, जोंटा इंटरनेशनल के एमडी डेनिस मिटैट्यू, जोंटा इंटरनेशनल के निदेशक राजकुमार पिल्लै विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर रजनी ब्यास, डिप्टी मेयर देवेंद्र जग्गी, शहरी विकास विभाग के निदेशक डीके गुप्ता, आयुक्त नगर निगम ललित जैन, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, एडीएम बलवीर ठाकुर, एसडीएम श्रवण मांटा, एएसपी विजय सकलानी सहित कई लोग उपस्थित थे।
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शहर से दूर बनाए जाएंगे कार्यालय
जनसभा को संबोधित करते हुए सुधीर ने कहा कि धर्मशाला शहर के विस्तार के लिए हिमुडा ने शहर से दूर 900 कनाल भूमि चिन्हित की है। जहां भविष्य में जरूरत के अनुरूप शहर से बाहरी छोर पर ही नए कार्यालय बनाए जाएंगे, ताकि धर्मशाला को भीड़ भाड़ से बचाया जा सके।
धर्मशाला नगर निगम में स्थापित होगा हेल्प डेस्क
सुधीर ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला में लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इस पर लोग घर बैठे ही अलग-अलग प्रमाणपत्रों और अन्य सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे उनको कार्यालय में बार-बार आने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। इसके अतिरिक्त कैंची मोड़ पर पर्यटकों की सुविधा के लिए अलग प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा, जहां से वे कांगड़ा घाटी की सुंदर वादियों को निहार सकेंगे।
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इस अवसर जनसभा को संबोधित करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम के हर वार्ड में लगाए जा रहे सेंसर युक्त भूमिगत कूड़ेदान कचरा प्रबंधन को तो बेहतर करेंगे ही, साथ ही पर्यावरण और स्वास्थ्य को भी संरक्षित करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस तकनीक बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्कूली बच्चों का भी सहारा लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बीते साढ़ेे चार वर्षों के दौरान धर्मशाला क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। अनेक नई परियोजनाएं लाने में वे कामयाब रहे हैं और भविष्य में और बड़ी परियोजनाओं के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर इस परियोजना में सहयोग कर रहे अंतरराष्ट्रीय बाव्र समूह के प्रमुख पैट्रिक बाव्र, जोंटा इंटरनेशनल के एमडी डेनिस मिटैट्यू, जोंटा इंटरनेशनल के निदेशक राजकुमार पिल्लै विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर रजनी ब्यास, डिप्टी मेयर देवेंद्र जग्गी, शहरी विकास विभाग के निदेशक डीके गुप्ता, आयुक्त नगर निगम ललित जैन, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, एडीएम बलवीर ठाकुर, एसडीएम श्रवण मांटा, एएसपी विजय सकलानी सहित कई लोग उपस्थित थे।
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शहर से दूर बनाए जाएंगे कार्यालय
जनसभा को संबोधित करते हुए सुधीर ने कहा कि धर्मशाला शहर के विस्तार के लिए हिमुडा ने शहर से दूर 900 कनाल भूमि चिन्हित की है। जहां भविष्य में जरूरत के अनुरूप शहर से बाहरी छोर पर ही नए कार्यालय बनाए जाएंगे, ताकि धर्मशाला को भीड़ भाड़ से बचाया जा सके।
धर्मशाला नगर निगम में स्थापित होगा हेल्प डेस्क
सुधीर ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला में लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इस पर लोग घर बैठे ही अलग-अलग प्रमाणपत्रों और अन्य सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे उनको कार्यालय में बार-बार आने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। इसके अतिरिक्त कैंची मोड़ पर पर्यटकों की सुविधा के लिए अलग प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा, जहां से वे कांगड़ा घाटी की सुंदर वादियों को निहार सकेंगे।