{"_id":"594c07ec4f1c1bbc548b4633","slug":"101498154988-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"योजना के नाम पर फर्जीवाड़े की जांच बिठाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योजना के नाम पर फर्जीवाड़े की जांच बिठाई
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। उपमंडल नूरपुर और इंदौरा के कुछ क्षेत्रों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर दो लाख रुपये की सहायता मिलने के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े की जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उपमंडल नूरपुर और इंदौरा के कुछ क्षेत्रों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 8 वर्ष से 32 वर्ष तक की आयु की सभी लड़कियों को सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सहायता राशि के लिए बाजार में बिक रहे फॉर्म भी फर्जी हैं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। डीसी ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस प्रकार के फॉर्म के बाजार में आने और इससे जुड़े अन्य सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के जिला नोडल अधिकारी तिलक राज आचार्य को भी महिला एवं बाल विकास विभाग के फील्ड में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मदद से लोगों को इस बारे में सचेत करने के लिए कहा है। वर्मा ने लोगों से इस प्रकार के मामले को तुरंत पुलिस, स्थानीय प्रशासन अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारियों के ध्यान में लाने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उपमंडल नूरपुर और इंदौरा के कुछ क्षेत्रों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 8 वर्ष से 32 वर्ष तक की आयु की सभी लड़कियों को सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सहायता राशि के लिए बाजार में बिक रहे फॉर्म भी फर्जी हैं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। डीसी ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस प्रकार के फॉर्म के बाजार में आने और इससे जुड़े अन्य सभी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के जिला नोडल अधिकारी तिलक राज आचार्य को भी महिला एवं बाल विकास विभाग के फील्ड में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मदद से लोगों को इस बारे में सचेत करने के लिए कहा है। वर्मा ने लोगों से इस प्रकार के मामले को तुरंत पुलिस, स्थानीय प्रशासन अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारियों के ध्यान में लाने का आग्रह किया है।
विज्ञापन