Himachal: जयराम ठाकुर बोले- हिमाचल के सीएम ने बिहार में बहाया झूठ का सागर, गोएबल्स की राह पर चल रहे हैं सुक्खू
Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज बिहार में झूठ का सागर बहा आए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हिटलर के प्रोपेगेंडा मंत्री गोएबल्स के सिद्धांतों पर काम करते हुए एक ही झूठ को बार-बार बोल रहे हैं।
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धर्मशाला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज बिहार की धरती जिसे बुद्ध की धरती और लोकतंत्र की जननी कहा जाता है वहां जाकर भी झूठ का सागर बहा आए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हिटलर के प्रोपेगेंडा मंत्री गोएबल्स के सिद्धांतों पर काम करते हुए एक ही झूठ को बार-बार बोल रहे हैं, पूरे आत्मविश्वास के साथ बोल रहे हैं, देश-विदेश में घूम-घूम कर बोल रहे हैं। जिससे वह सच लगने लगे, लेकिन सूचना तकनीकी के इस दौर में मुख्यमंत्री का यह प्रोपेगेंडा पूरी तरीके से नाकाम हो जाएगा और उन्हें इस झूठ के लिए शर्मसार भी होना पड़ेगा।
जयराम ठाकुर ने कहा मुख्यमंत्री जितना झूठ बोलते हैं उनके हर बात का जवाब देना संभव नहीं है लेकिन अगर वह ओपीएस की बात करते हैं तो पेंशनर आज सड़कों पर क्यों है? उनके इलाज का बिल ढाई साल से पेंडिंग क्योंहै? 3 साल के कार्यकाल में सरकार ने सिर्फ दो साल तक डीए नहीं बढ़ाया। अब तक सिर्फ दो बार डीए दिया है। एरियर के लिए लोग सड़कों पर है। यह सरकार किस मुंह से प्रदेश की उपलब्धियां पर अपना दावा ठोक रही है यह बात मेरी और पूरे प्रदेश की समझ के परे है। हर दिन एक से ज्यादा स्कूल बंद करने वाली सरकार प्रदेश में शिक्षा के बेहतरी का श्रेय कैसे ले सकती है, जबकि उसके कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में छात्रों का एनरोलमेंट 30% से ज्यादा कम हुआ हो।
जयराम ठाकुर ने कहा कि लगभग 400 से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थाओं को बंद करने वाला मुख्यमंत्री प्रदेश के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का श्रेय कैसे ले सकता है? स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था को बीमार बनाने वाला मुख्यमंत्री प्रदेश में खुशहाली की बात कैसे कर सकता है? डेढ़ लाख से ज्यादा पदों को समाप्त करने वाला 15000 लोगों को नौकरी से निकलने वाला मुख्यमंत्री प्रदेश में रोजगार की बात कैसे कर सकता है?
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप योजना राष्ट्रीय कौशल विकास योजना स्वावलंबन योजना को बंद करने वाला मुख्यमंत्री प्रदेश में रोजगार के बेहतर अवसरों को बढ़ाने की बात कैसे कर सकता है? उद्योगों को माफिया द्वारा प्रताड़ित कर उन्हें पलायन करने या "व्यवस्था परिवर्तन" में सहयोग देने को विवश करने वाला मुख्यमंत्री प्रदेश की आर्थिकी कैसे सही कर सकता है? पूरे दिन लोन लिमिट बढ़ाने की पैरवी करने वाला मुख्यमंत्री, 34 महीने में 35000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज लेने वाला मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने की बात किस विजन से कर सकता है? सदन में झूठ, सड़क पर झूठ, देश में झूठ, विदेश में झूठ, पूर्व सरकार के काम पर झूठ, केंद्र के सहयोग पर झूठ, झूठ पर झूठ, झूठ पर झूठ ही इस सरकार की एकमात्र उपलब्धि है। जिसका श्रेय हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके तमाम नेताओं और मुखिया को जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुख की सरकार के 34 महीनों यानी 1054 दोनों में उनकी उपलब्धियां को यदि तीन लाइनों में कहा जाए तो इस सरकार ने 1500 से ज्यादा स्कूल 400 से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान, कुल 2500 से ज्यादा बंद करने के लिए जानी जाएगी। हिम केयर, सहारा, शगुन, कन्यादान, वृद्धा पेंशन, स्वालंबन, स्टार्टअप ,बेटी है अनमोल, प्राकृतिक खेती, पुष्प क्रांति, सोलर फेंसिंग जैसी योजनाओं को बंद या पंगु करने का काम किया है। इसके अलावा डेढ़ लाख पद समाप्त करने 15000 लोगों को नौकरी से निकालने और 35000 करोड रुपए लोन लेने का काम किया है। जिसे और आसान भाषा में कहा जाए तो औसतन हर दिन एक से ज्यादा स्कूल, हर तीन दिन में एक से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान, बंद करने का इस सरकार ने रिकॉर्ड स्थापित किया है। साथ ही औसतन प्रतिदिन 143 नौकरियां समाप्त करने, 14 लोगों को नौकरी से निकालने और 33 करोड रुपए का लोन लेने का कारनामा व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार द्वारा किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से मिले नेता प्रतिपक्ष
जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार से उनके पालमपुर स्थित आवास पर भेंट की।
