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HP Govt: अदालती आदेशों पर अपने स्तर पर अब वित्तीय लाभ जारी नहीं कर सकेंगे विभाग, निर्देश जारी

Thu, 11 Jun 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 11 Jun 2026 06:00 AM IST
सार

प्रदेश में अब अदालती आदेशों पर अपने स्तर पर विभाग वित्तीय लाभ जारी नहीं कर सकेंगे। 

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HP Govt: Departments can no longer release financial benefits based on court orders at their own level; direct
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अब अदालती आदेशों पर अपने स्तर पर विभाग वित्तीय लाभ जारी नहीं कर सकेंगे। प्रदेश में वित्तीय अनुशासन और नीतिगत एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नया तंत्र लागू किया है। वित्तीय बोझ बढ़ने पर यह फैसला लिया गया है। ऐसे में मामलों में मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अंतिम निर्णय से पहले वित्त, विधि तथा आवश्यकतानुसार कार्मिक विभाग से परामर्श लेना भी अनिवार्य होगा। कार्मिक विभाग की ओर से बुधवार को अदालतों में लंबित और निस्तारित मामलों के प्रबंधन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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 सरकार का मानना है कि कई न्यायिक आदेशों के कारण राज्य के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है। कई बार व्यक्तिगत मामलों में दिए गए लाभ बाद में बड़ी संख्या में कर्मचारियों अथवा अन्य वर्गों के लिए मिसाल बन जाते हैं। इससे सरकार पर अप्रत्याशित और दीर्घकालिक वित्तीय देनदारियां बढ़ जाती हैं। सरकार ने पाया है कि कई मामलों में विभागीय या क्षेत्रीय स्तर पर अदालत के आदेशों को लागू करने, रियायतें देने अथवा अपील न करने जैसे निर्णय बिना व्यापक वित्तीय मूल्यांकन के ले लिए जाते हैं। ऐसे निर्णयों का प्रभाव समान स्थिति वाले अन्य कर्मचारियों, भविष्य के मुकदमों, वरिष्ठता व्यवस्था, कैडर संरचना और भर्ती प्रणाली पर भी पड़ता है।

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अब होगी बहुस्तरीय जांच

नए निर्देशों के तहत उन सभी मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी जिनमें राज्य पर महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव पड़ने की संभावना हो या जो भविष्य में न्यायिक मिसाल बन सकते हों। संबंधित प्रशासनिक विभाग को किसी भी अंतिम निर्णय से पहले वित्त विभाग से परामर्श लेना अनिवार्य होगा। कानूनी पहलुओं और भविष्य की न्यायिक रणनीति के लिए विधि विभाग अथवा महाधिवक्ता की राय ली जाएगी। वहीं, यदि मामला सेवा शर्तों या कर्मचारियों से जुड़ा है तो कार्मिक विभाग की सलाह भी आवश्यक होगी।

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सभी विभागों को कड़ा पालन करने के निर्देश

राज्य सरकार के नियंत्रण वाले सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और स्वायत्त निकायों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि निर्धारित प्रक्रिया से किसी भी प्रकार की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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