{"_id":"67776c7ff1c3433a990ca0e4","slug":"himachal-scholarship-scam-now-money-laundering-case-related-to-scholarship-scam-will-be-investigated-afresh-2025-01-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal Scholarship Scam: छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की अब नए सिरे से होगी जांच, जानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Scholarship Scam: छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की अब नए सिरे से होगी जांच, जानें
Fri, 03 Jan 2025 10:20 AM IST
अंकेश डोगरा
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 03 Jan 2025 10:20 AM IST
सार
Himachal Scholarship Scam: हिमाचल प्रदेश में 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले की ईडी मुख्यालय ने नए सिरे से जांच करवाने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
छात्रवृत्ति घोटाला
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल में 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की नई सिरे से जांच होगी। प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली मुख्यालय ने जांच का जिम्मा शिमला सब जोनल उप निदेशक और मुख्यालय के संयुक्त निदेशक को सौंपा है।
विज्ञापन
पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शिमला कार्यालय के सहायक निदेशक कर रहे थे। उन पर मामले में रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया है और अभी सहायक निदेशक फरार है। रिश्वत की बात सामने आने के बाद सहायक निदेशक की ओर से की जांच सवालों के घेरे में है। लिहाजा, ईडी मुख्यालय ने मामले की नए सिरे से जांच करवाने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
सीबीआई ने रिश्वत मामले में आरोपी के भाई और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। सीबीआई दोनों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई जांच कर रही है कि सहायक निदेशक ने पद पर रहते हुए किसी और कंपनियों से भी पैसे तो नहीं मांगे हैं। इसको लेकर भी बद्दी, बरोटीवाला, कालाअंब में कंपनियों से पूछताछ की जा रही है। नए अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपे जाने से निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
आरोपियों को ईडी सब जोनल कार्यालय शिमला पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। घोटाले के आरोप में फंसे निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से मांगी रिश्वत मामले में ईडी मुख्यालय ने शिमला का स्टाफ बदल दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ीं दो शिकायतों में ढाई करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई की कार्रवाई से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुख्यालय तक हड़कंप मचा है।ईडी मुख्यालय ने सहायक निदेशक विशाल दीप सिंह को सस्पेंड किया गया है।
उधर, छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई कार्यालय शिमला की ओर से की ओर से जांच की जा रही है। इसमें डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि कुछेक को क्लीन चिट भी दी गई है। अब 29 के करीब संचालकों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
रिश्वत मामला: शिमला ईडी के एनफोर्समेंट अधिकारी का मणिपुर के लिए किया तबादला
ढाई करोड़ के कथित रिश्वत मामले में फरार चल रहे शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप के अलावा दो एनफोर्समेंट अधिकारियों पर गाज गिर गई है। एक एनफोर्समेंट अधिकारी को शिमला सब जोन कार्यालय से बदलकर मणिपुर ईडी कार्यालय, दूसरे की सीमा शुल्क विभाग के मूल कैडर में रवानगी कर दी गई है। इसके अलावा रिश्वत कांड में फरार विशालदीप के सगे भाई विकासदीप व बुआ के लड़के नीरज का सीबीआई ने वॉयस सैंपल लिया है। उधर, इस रिश्वत कांड का खुलासा होने के बाद फरार सहायक निदेशक विशालदीप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शिकायत दर्ज करने की भी तैयारी कर ली है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने धोखाधड़ी जबकि ईडी ने धन शोधन को लेकर केस दर्ज किया हुआ है। धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआई ने इस रिश्वत मामले में अभी तक केवल विकास दीप व उसकी बुआ के लड़के नीरज निवासी भिवानी को उसके घर से गिरफ्तार किया था। जांच टीम ने अब इन दोनों के वॉयस सैंपल ले लिए हैं और इन सैंपलों का रिश्वत मांगने के दौरान शिकायतकर्ताओं के साथ फोन पर बातचीत के दौरान हुई रिकॉर्डिंग के साथ मिलान करवाया जाएगा। सीबीआई के पास रहीम और मुन्नवर नाम के दो अज्ञात आरोपियों की रिश्वत के पैसे मांगने को लेकर रिकॉर्डिंग है।
ढाई करोड़ के कथित रिश्वत मामले में फरार चल रहे शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप के अलावा दो एनफोर्समेंट अधिकारियों पर गाज गिर गई है। एक एनफोर्समेंट अधिकारी को शिमला सब जोन कार्यालय से बदलकर मणिपुर ईडी कार्यालय, दूसरे की सीमा शुल्क विभाग के मूल कैडर में रवानगी कर दी गई है। इसके अलावा रिश्वत कांड में फरार विशालदीप के सगे भाई विकासदीप व बुआ के लड़के नीरज का सीबीआई ने वॉयस सैंपल लिया है। उधर, इस रिश्वत कांड का खुलासा होने के बाद फरार सहायक निदेशक विशालदीप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शिकायत दर्ज करने की भी तैयारी कर ली है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने धोखाधड़ी जबकि ईडी ने धन शोधन को लेकर केस दर्ज किया हुआ है। धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआई ने इस रिश्वत मामले में अभी तक केवल विकास दीप व उसकी बुआ के लड़के नीरज निवासी भिवानी को उसके घर से गिरफ्तार किया था। जांच टीम ने अब इन दोनों के वॉयस सैंपल ले लिए हैं और इन सैंपलों का रिश्वत मांगने के दौरान शिकायतकर्ताओं के साथ फोन पर बातचीत के दौरान हुई रिकॉर्डिंग के साथ मिलान करवाया जाएगा। सीबीआई के पास रहीम और मुन्नवर नाम के दो अज्ञात आरोपियों की रिश्वत के पैसे मांगने को लेकर रिकॉर्डिंग है।