फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Scholarship Scam Non-bailable warrant issued against accused Rajneesh Bansal

बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाला: आरोपी रजनीश बंसल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, ईडी के समक्ष नहीं हुए उपस्थित

Thu, 13 Mar 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 13 Mar 2025 05:00 AM IST
सार

छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी रजनीश बंसल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। अदालत ने कहा कि यह उनके खिलाफ ओपन-एंडेड एनबीडब्ल्यू जारी करने का उपयुक्त मामला है। 

विज्ञापन
Himachal Scholarship Scam Non-bailable warrant issued against accused Rajneesh Bansal
छात्रवृत्ति घोटाला - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के धन शोधन मामले के आरोपी कालाअंब स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (एचजीपीआई) के एमडी रजनीश बंसल के खिलाफ शिमला की विशेष अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
विज्ञापन


हिमाचल में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति का सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से विश्वविद्यालय संचालकों द्वारा घोटाला किया गया है, जिसमें सीबीआई ने 7 मई, 2019 को रजनीश बंसल व अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 8 अप्रैल 2024 को सीबीआई ने रजनीश को गिरफ्तार किया था। बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। ईडी के मुताबिक मामले की पूछताछ के लिए रजनीश के खिलाफ करीब पांच समन जारी किए गए थे। अंतिम वारंट पर 6 फरवरी 2025 को रजनीश ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन


ईडी ने 29 जनवरी, 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत रजनीश के पंचकूला घर में रेड की थी, जिसके उसके भाई को भी गिरफ्तार किया था, जो कि इस समय जेल में है। वहीं, बीते दिनों अदालत ने रजनीश की अंतरिम जमानत की याचिका को खारिज कर था। इसके बाद ईडी ने रजनीश के खिलाफ पीएमएलए, 2002 की धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के लिए गैर जमानती वारंट जारी करने के लिए अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने रजनीश बंसल के खिलाफ ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि यह उनके खिलाफ ओपन-एंडेड एनबीडब्ल्यू जारी करने का उपयुक्त मामला है। फिलहाल, वारंट मिलने के बाद ईडी आरोपी को गिरफ्तार करने में जुट गई है।

 

पुलिस में 2018 में दर्ज हुआ था मामला
कथित अपराध वर्ष 2014-15 का है। 16 नवंबर 2018 को पुलिस थाना छोटा शिमला में आरोपी अरविंद राज्टा सहित अन्य के खिलाफ मामला पंजीकृत किया है। 7 मई 2019 को यह मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच 19 जुलाई 2019 से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की जांच शुरू की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed