Himachal Samosa Vivad: हिमाचल प्रदेश के शिमला में BJYM ने निकाला 'समोसा' मार्च, सुक्खू सरकार को घेरा
शिमला में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को घेरने के लिए 'समोसा' मार्च का आयोजन किया।
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#WATCH | Himachal Pradesh: Bharatiya Janata Yuva Morcha workers organised a 'Samosa' march in Shimla to protest against the CM Sukvinder Singh Sukhu's led state government pic.twitter.com/tFB7V1DnF6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 9, 2024
#WATCH शिमला, हिमाचल प्रदेश: भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने कहा, "पूरे देश भर में हिमाचल का मजाक बन चुका है... राज्य पर अनेक प्रकार के चुटकुले लिखे जा रहे हैं। बार-बार हिमाचल का मजाक न बनाया जाए। कभी टॉयलेट टैक्स लगाने की बात होती है और अब समोसे पर नई… https://t.co/HI5Dg9ZX5l pic.twitter.com/RhwfyqACTw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 9, 2024
3150 रुपये में 21 समोसे
सीआईडी ने निजी होटल से 3150 रुपये में 21 समोसे मंगवाए थे। खास तौर पर मंगवाए ये समोसे अतिथियों तक पहुंचे ही नहीं। सीआईडी ने इसकी पड़ताल की, जिसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर सियासत गरमा गई है।
विधायक ने मुख्यमंत्री के लिए ऑनलाइन ऑर्डर किए 11 समोसे
समोसा राजनीति में हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने भी तंज कसा है। उन्होंने सीएम के लिए 11 समोसे ऑनलाइन ऑर्डर किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदेश बेरोजगारी, वित्तीय संकट, पेंशन में देरी और डीए बकाया जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। लोग अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो सरकार को असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
सीएम की लोकप्रियता से डरी भाजपा कर रही लोगों को भ्रमित : अवस्थी
सीपीएस संजय अवस्थी ने भाजयुमो के प्रदर्शन पर कहा कि भाजपा मुद्दाविहीन पार्टी है। भाजपा लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। यह सीआईडी का आंतरिक मामला रहा है, मगर जिस तरीके से इससे मुख्यमंत्री का नाम जोड़ने की कोशिश हो रही है, उससे भाजपा का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की लोकप्रियता का डर स्पष्ट हो रहा है। सीएम सुक्खू की आमजन से जुड़ने की कार्यशैली से प्रदेश के भाजपा नेताओं में भविष्य के अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। भाजपा संगठन के चुनाव सिर पर हैं तो भाजपा के अलग-अलग धड़ों में बंटे नेता लाइमलाइट में रहने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के समय कोविड केयर सेंटरों में रोटियों पर करोड़ों रुपये खर्च करने का मामला भी सामने आया था, उसकी जांच की बात भाजपा की ओर से क्यों नहीं की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल हिमाचल प्रदेश में सीआईडी ने समोसों और केक के गायब हो जाने को लेकर जांच की। जिसकी वजह से ये मुद्दा इतना चर्चा में आया।हुआ यूं कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कार्यक्रम के लिए शिमला में एक निजी होटल से मंगवाए गए समोसे और केक सीआईडी ने किसी और को ही परोस डाले। 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के लिए एक बड़े नामी होटल से समोसे और केक मंगवाए गए थे, लेकिन यह उन्हें परोसने की बजाय किसी और को ही खिला दिए गए। इसके बाद सीआईडी ने इसकी जांच भी की। इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। समोसे पर जांच के बाद डीएसपी ने गुप्तचर विभाग के महानिरीक्षक को यह रिपोर्ट भेजी। जब यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो इस पर राज्य सरकार और राज्य गुप्तचर विभाग के सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गया और कई मीम्स वायरल होना शुरू हो गए।