{"_id":"5e4c32d68ebc3ef2a26dbcaa","slug":"himachal-prohibition-on-production-of-all-medicines-of-digital-vision","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल : ‘डिजिटल विजन’ की सभी दवाइयों के उत्पादन पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल : ‘डिजिटल विजन’ की सभी दवाइयों के उत्पादन पर रोक
Wed, 19 Feb 2020 12:24 AM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, कालाअंब (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, कालाअंब (सिरमौर)
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 19 Feb 2020 12:24 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
जम्मू-कश्मीर में खांसी-जुकाम कोल्ड बेस्ट सीरप के सेवन से कई बच्चों की मौत और किडनी खराब होने के बाद कालाअंब स्थित मेसर्स डिजिटल विजन कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सीरप उत्पादन पर पाबंदी के बाद सरकार ने अब कंपनी में सभी प्रकार की दवाइयों के उत्पादन पर रोक लगा दी है। गुपचुप तरीके से दवाओं का उत्पादन न हो, इसकी निगरानी के लिए सरकारी कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
विज्ञापन
अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों से मिलान के लिए कंपनी का रिकॉर्ड भी सील करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने बुधवार को कंपनी के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है। दवाओं के सैंपल भी लिए गए हैं। दो से तीन दिन में इसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद ही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
वहीं, कंपनी के संचालक पुरुषोतम गोयल ने बताया कि कोल्ड बेस्ट सीरप के बैच की 5,575 शीशियां उत्पादित की गई थीं, जो 10 राज्यों में सप्लाई की गई हैं। सिर्फ जम्मू-कश्मीर से ही शिकायत आई है। दवा की गुणवत्ता पर उन्हें पूरा भरोसा है। फिलहाल उन्हें भी सैंपल जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है। कंपनी 20 वर्षों से दवा बना रही है। जिसकी शिकायत हुई है, उसका उत्पादन 15 वर्षों से किया जा रहा है।
विज्ञापन