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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pradesh Cabinet meeting today know all the decisions 29 July

HP Cabinet Decisions: हिमाचल में 1,386 जलरक्षक बनेंगे पंप अटेंडेंट, सेब-आम का न्यूनतम समर्थन मूल्य 12 रुपये

Tue, 29 Jul 2025 06:59 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 29 Jul 2025 06:59 PM IST
सार

HP Cabinet Meeting Decisions: प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। 

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Himachal Pradesh Cabinet meeting today know all the decisions 29 July
हिमाचल कैबिनेट मीटिंग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने 31 दिसंबर 2024 तक 12 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी कर चुके 1,386 पात्र जल रक्षकों (वाटर गार्ड) को जल शक्ति विभाग में पंप अटेंडेंट के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया। राज्य मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के अंतर्गत 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सेब की खरीद को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत बी और सी ग्रेड के किन्नू, माल्टा और संतरा 12 रुपये प्रति किलोग्राम, गलगल 10 रुपये प्रति किलोग्राम और अंकुर, कलमी और कच्चा अचारी आम 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का भी निर्णय लिया गया है।

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मंत्रिमंडल ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास पर गठित मंत्रिमंडल उप-समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित इस उप-समिति का उद्देश्य राज्य की आपदा तैयारी और पुनर्वास तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उपायों की जांच और सुझाव देना था। उप-समिति ने राज्य भर में इमारतों की आपदा-प्रतिरोधक क्षमता का आकलन करने के लिए संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने की सिफारिश की है। इन ऑडिट के आधार पर, आपदाओं के दौरान संरचनात्मक क्षति के जोखिम को कम करने के लिए पुनर्निर्माण उपाय किए जाएंगे। 

आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर देते हुए, समिति ने राज्य भर में भूकंप-प्रतिरोधी और आपदा-प्रतिरोधी निर्माण को अनिवार्य बनाने की भी सिफारिश की है। आपदा प्रतिक्रिया की दक्षता बढ़ाने के लिए, उप-समिति ने होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन सेवाओं और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ एकीकृत करने का भी सुझाव दिया है, जिसका उद्देश्य आपात स्थितियों के दौरान समन्वित और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के देहरा स्थित बनखंडी में दुर्गेश-अरण्य प्राणी उद्यान के विकास के प्रथम चरण के अंतर्गत 325 पेड़ों के स्थानांतरण को भी मंजूरी दी।

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देहरा में खुलेगा नया आरटीओ ऑफिस 
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के देहरा में एक नया क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) खोलने और इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन व भरने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने राज्य भर के जिला अस्पतालों और चुनिंदा आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में कीमोथेरेपी के लिए 18 डे केयर सेंटरों के उन्नयन और उन्हें सुसज्जित करने को मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य कैंसर रोगियों को उनके जिलों में ही सुलभ अनुवर्ती उपचार प्रदान करना है, जिससे उन्हें मेडिकल कॉलेजों या राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे रोगियों और उनके परिवारों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

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मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिले के नागरिक अस्पताल तेगु-बिहार में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एक जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की स्थापना और उसे सुसज्जित करने को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, इसने सिविल अस्पताल मनाली, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल पांवटा, सिविल अस्पताल देहरा, क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति को मंजूरी दी। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, सिविल अस्पताल पांवटा, सिविल अस्पताल देहरा और सिविल अस्पताल नगरोटा बगवां में जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण आपूर्ति को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के जलाड़ी में एक नया दूध शीतलन केंद्र और ऊना जिले के झलेरा में एक बल्क मिल्क कूलर स्थापित करने के अलावा नाहन, नालागढ़, मोहल और रोहड़ू में नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने को अपनी मंजूरी दी। दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, हिमाचल प्रदेश दुग्ध संघ में एक उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू करने का भी निर्णय लिया गया, जो इसके संचालन को डिजिटल करेगा और मोबाइल फोन के माध्यम से किसानों के लिए सभी आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।

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