फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pollution Control Board and Environment Department officials will have to provide property details

Himachal Pradesh: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण विभाग के अफसरों को देना होगा संपत्ति का ब्योरा

Wed, 09 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 09 Jul 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों और अपनी संपत्ति का ब्योरा हर साल सरकार को देना होगा और इसे वेबसाइट पर साझा करना होगा। पढ़ें पूरी खबर...
 

विज्ञापन
Himachal Pollution Control Board and Environment Department officials will have to provide property details
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना (File Photo) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा हर साल सरकार को देना होगा और इसे वेबसाइट पर साझा करना होगा। यह निर्देश राज्य पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी लागू होंगे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने यह निर्देश बोर्ड के सदस्य सचिव और विभाग के निदेशक को जारी किए हैं। इस संबंध में एक शिकायत आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन

मुख्य सचिव ने अपने निर्देशों में एक नागरिक की ओर से इस संबंध में एक शिकायत देने की बात की है। शिकायत यह की गई है कि इस जानकारी को न तो राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड न तो वेबसाइट पर अपलोड कर रहा है और न ही आरटीआई के तहत मांगे जाने पर ही दे रहा है। मुख्य सचिव का यह पत्र अतिरिक्त सचिव सतपाल धीमान के हवाले से भेजा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

निर्देश में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम 1964 के नियम 18 के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे वैधानिक निकायों के लोकसेवकों को हर साल 31 जनवरी तक अपने वार्षिक संपत्ति रिटर्न को जमा करना अनिवार्य है।

विज्ञापन

इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम 2014 की धारा 39 में यह जरूरी है कि ये रिटर्न सक्षम प्राधिकारी को जमा किए जाएं और हर साल 31 अगस्त तक संबंधित विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किए जाएं। ये प्रावधान सरकारी कोष से वेतन प्राप्त करने वाले सभी कर्मचारियों पर लागू होते हैं। इस पत्र में कार्मिक विभाग के 14 जुलाई 2021 के एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी रिटर्न पीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाएं और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराए जाएं। सरकार ने चेतावनी दी है कि अनुपालन न करने पर विजिलेंस क्लीयरेंस से इन्कार किया जा सकता है और इससे पदोन्नति तथा अन्य सेवा-संबंधी मामलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

बोर्ड से आग्रह किया गया है कि वह सभी पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के रिटर्न प्राप्त करने और उन्हें अपलोड करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। साथ ही निदेशक पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन से अनुरोध किया गया है कि वह अपनी स्थापना के तहत कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में भी इसी तरह के अनुपालन को सुनिश्चित करें और इस महत्वपूर्ण निर्देश के समय पर पूरा होने की निगरानी करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed