Himachal News: मंदिर की जमीन पर पेट्रोल पंप, होटल, स्टोन क्रशर, फिर भी खजाना खाली
जिला कांगड़ा के नूरपुर के डमटाल स्थित प्राचीन राम गोपाल मंदिर के पास करोड़ों रुपये की जमीन है, फिर भी मंदिर का खजाना खाली है। कुछ समय कई कनाल भूमि फोरलेन की जद में चली गई, लेकिन मंदिर को कोई क्लेम राशि तक नहीं मिली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नूरपुर के डमटाल स्थित प्राचीन राम गोपाल मंदिर के पास करोड़ों रुपये की जमीन है, फिर भी मंदिर का खजाना खाली है। इसी के चलते मंदिर में नियुक्त मंदिर अधिकारी को भी ट्रांसफर कर दिया गया है। पंजाब सीमा से सटे इस मंदिर के पास करीब 17 हजार कनाल भूमि है। इसमें से डेढ़ हजार कनाल भूमि पर 850 से अधिक लोगों का अवैध कब्जा है। जबकि 200 के करीब लोगों ने मंदिर प्रशासन से लीज पर भी जमीन ली है और निर्धारित किराये का भुगतान किया जा रहा है।
कुछ समय कई कनाल भूमि फोरलेन की जद में चली गई, लेकिन मंदिर को कोई क्लेम राशि तक नहीं मिली। खास बात यह है कि मंदिर की जमीन पर पेट्रोल पंप, होटल, रेस्तरां और स्टोन क्रशर भी चल रहे हैं। लेकिन बदले में मंदिर प्रशासन को वो राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा, जो सही मायने में मिलना चाहिए। अगर मंदिर प्रशासन अपने जमीन का सही इस्तेमाल करे तो हर महीने लाखों रुपये किराये के रूप में राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसके चलते जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग को इस मंदिर की जमीन की निशानदेही करने के निर्देश दिए हैं।
भित्ति चित्र भगवान राम के जीवन को दर्शाते हैं
मंदिर का निर्माण संवत 1550 में हुआ था। यहां भगवान राम की मूर्ति स्थापित है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समय मंदिर के पुनरुद्धार एवं पुनर्निर्माण परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। मंदिर प्रशासन ने इसके मूल स्वरूप को पुनर्जीवित करने और संरक्षित करने की रणनीति तैयार की थी। प्रशासन 1.50 करोड़ रुपये खर्च करके पुराने कांगड़ा भित्ति चित्रों के पुनरुद्धार और जीर्ण-शीर्ण मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का कार्य किया है। विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी शोधार्थी मंदिर के भित्ति चित्रों के संरक्षण और पुनरुद्धार का अध्ययन करने के लिए मंदिर का दौरा करते रहते हैं। खास बात यह है कि सभी भित्ति चित्र भगवान राम के जीवन को दर्शाते हैं।
डमटाल स्थित प्राचीन राम गोपाल मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जों का मामला ध्यान में आया है। राजस्व विभाग को मंदिर की जमीन की निशानदेही करवाने के निर्देश दिए हैं। यहां पर मंदिर अधिकारी भी जल्द नियुक्त किया जाएगा- हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा