फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: Order to attach officers vehicles and Taradevi Rest House

Himachal News: अफसरों की गाड़ियों व तारादेवी रेस्ट हाउस को अटैच करने का आदेश, पूरा मामला जानें

Thu, 12 Jun 2025 09:58 AM IST
अंकेश डोगरा दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 12 Jun 2025 09:58 AM IST
सार

जिला न्यायाधीश (वन) अजय मेहता की अदालत ने 18 जून तक लोक निर्माण विभाग के तारादेवी स्थित रेस्ट हाउस समेत दोनों अधिकारियों के आधिकारिक पेन, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के दो वाहन, कंप्यूटर, सोफा सेट, टेबल-कुर्सियां और हीटर को अटैच करने के आदेश पारित किए। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal News: Order to attach officers vehicles and Taradevi Rest House
जिला अदालत शिमला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

कोर्ट के आदेश पर सरकार की ओर से अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा न देने पर जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने 27 साल पुराने मामले में लोक निर्माण विभाग के सचिव (सचिवालय) और भू अर्जन अधिकारी (विंटर फील्ड शिमला) से जुड़ी सरकारी संपत्ति को अटैच करने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


जिला न्यायाधीश (वन) अजय मेहता की अदालत ने 18 जून तक लोक निर्माण विभाग के तारादेवी स्थित रेस्ट हाउस समेत दोनों अधिकारियों के आधिकारिक पेन, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के दो वाहन, कंप्यूटर, सोफा सेट, टेबल-कुर्सियां और हीटर को अटैच करने के आदेश पारित किए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि निष्पादन याचिका 2020 से लंबित है, तब से प्रतिवादियों ने मुआवजा राशि जारी करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक वारंट के निष्पादन के दौरान भू अर्जन अधिकारी और सचिव ने अदालती कार्यवाही में सहयोग नहीं किया है। इससे पहले अदालत तीन बार सरकारी संपत्ति अटैच करने के आदेश दे जारी कर चुकी है।
विज्ञापन

 
उधर, राज्य सरकार ने अदालत ने राशि जमा करवाने के लिए चार महीने का और समय मांगा है। यह मामला लोक निर्माण विभाग रोहड़ू मंडल का है। बैधार-थाना-टिक्कर रोड के निर्माण के लिए वर्ष 1998 में भूमि मालिकों से करीब 15 बीघा जमीन अधिग्रहित की गई थी। भू अर्जन अधिकारी ने जमीन समेत उस पर लगे सेब के पौधों का मूल्य तय किया। इसके हिसाब से 6,252 रुपये प्रति पौधा देना मंजूर किया गया था। मुआवजे से असंतुष्ट भूमि मालिकों ने साल 2012 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


टिक्कर के दीवान चंद, भजन दास, इंद्र सिंह, नरैण चंद, बहादुर सिंह, निहाल चंद, जगदीश, मोहन चंद, जय कृष्ण और रामेश्वर की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 2017 में भूमि मालिकों को 6,252 की जगह 26,575 रुपये प्रति प्लांट के हिसाब से मुआवजा देने के आदेश दिए। लेकिन, सरकार ने आदेश नहीं माने और मुआवजे के करीब 2.50 करोड़ जमा नहीं किए। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई 18 जून को तय गई है। इससे पहले सरकार को 2.50 करोड़ रुपये जमा कराने होंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed