फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal merger of DPE posts has halted the promotion process for physical education teachers

Himachal News: डीपीई पद मर्ज होने से हिमाचल में शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया हुई ठप, जानें

Tue, 16 Dec 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 16 Dec 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के 400 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में न डीपीई पद और न ही प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के पद सृजित हैं। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि डीपीई के पदोन्नति कोटे का एक भी पद अब रिक्त नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal merger of DPE posts has halted the promotion process for physical education teachers
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में डीपीई पद मर्ज होने से शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया ठप हो गई है। प्रदेश के 400 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में न डीपीई पद और न ही प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के पद सृजित हैं। पदोन्नति से भरे जाने वाले 150 से अधिक डीपीई के रिक्त पद भी मर्ज कर दिए गए हैं। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि डीपीई के पदोन्नति कोटे का एक भी पद अब रिक्त नहीं है। शारीरिक शिक्षकों की 870 नई भर्तियां भी हाईकोर्ट में मामला लंबित होने से अटकी हुई हैं।

विज्ञापन

प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों (पीईटी) की पदोन्नति की राह लगभग बंद हो गई है। विभाग द्वारा डीपीई के रिक्त पदों को प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा में मर्ज किए जाने से वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शारीरिक शिक्षकों में रोष है। शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ललित चौहान ने विभागीय फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय करार दिया है। ललित चौहान ने कहा कि विभाग ने पहले ही डीपीई के पदों को समाप्त कर पिछले 486 प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के पद सृजित किए थे, जबकि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से नए पद सृजित करने के निर्देश दिए थे। इसके विपरीत विभाग ने डीपीई के मौजूदा पदों को ही मर्ज कर दिया, जिससे पदोन्नति का पूरा ढांचा ही समाप्त हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 400 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां न तो डीपीई के पद सृजित हैं और न ही प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा के। इन स्कूलों में वर्षों से पद सृजित न किए जाने के कारण शारीरिक शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, लेकिन विभाग इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले 150 से अधिक डीपीई के रिक्त पदों को भी मर्ज कर दिया गया है। अब इन पदों को प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा की सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जा रहा है, जिससे वरिष्ठ और अनुभवी पीईटी पूरी तरह हाशिये पर चले गए हैं।

विज्ञापन

आरटीआई से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए ललित चौहान ने बताया कि डीपीई के पदोन्नति कोटे के सभी पद मर्ज कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में डीपीई का एक भी पद रिक्त नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि शारीरिक शिक्षकों के लिए पदोन्नति की कोई संभावना फिलहाल नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से शारीरिक शिक्षक पदोन्नति की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अब विभागीय नीतियों के कारण उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। मौजूदा स्थिति में आने वाले कई वर्षों तक भी पदोन्नति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।

प्रदेश अध्यक्ष ललित चौहान ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि डीपीई के पदों को दोबारा बहाल किया जाए, नए पद सृजित किए जाएं और शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति के रास्ते फिर से खोले जाएं, ताकि वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके। उधर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि यह मामला सरकार के ध्यानार्थ है। जल्द ही शिक्षक हित में फैसला लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed