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Himachal: नौकरी के पीछे भागने के बजाय भाग चंद ने पुष्प उत्पादन कर चुनी आत्मनिर्भरता की राह, हो रही इतनी कमाई

Sun, 04 May 2025 01:14 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 04 May 2025 01:14 PM IST
सार

जिला मंडी के उपमंडल गोहर के चरखा गांव के भाग चंद ने आईटी क्षेत्र में मिली नौकरी छोड़ पुष्प उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह प्रशस्त की है।

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Himachal Mandi Instead of running after a job Bhag Chand chose the path of self-reliance by producing flowers
भाग चंद कर रहे पुष्प उत्पादन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नौकरी के पीछे भागने के बजाय उच्च शिक्षित युवा अब खेती में कुछ अलग कर सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। उपमंडल गोहर के चरखा गांव के भाग चंद इन्हीं में से एक हैं। कृषि में रुचि का आलम ऐसा कि आईटी सेक्टर की नौकरी को तिलांजलि दे अब पुष्प उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह प्रशस्त की है।

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भाग चंद बताते हैं कि उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विषय में पढ़ाई की है। कुछ समय आईटी  क्षेत्र में नौकरी की, मगर मन कृषि क्षेत्र में ही रमा रहा। ऐसे में घर में ही पुश्तैनी जमीन पर बागवानी का फैसला किया। शुरूआत में पारंपरिक तकनीक से ही खेती-बाड़ी किया करते थे, जिसमें गेहूं, मटर, जौ, मक्की जैसी फसलें उगाते। कभी समय पर बारिश न होने, तो कभी ओले पड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे फसलों के अच्छे परिणाम नहीं मिल पाए।
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खेती-बाड़ी में रूचि बहुत थी। ऐसे में हार मानने के बजाय बागवानी विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर परंपरागत खेती को आधुनिक खेती में बदलने का फैसला किया। उन्होंने पॉलीहाउस लगाकर फूलों की खेती करने का सुझाव दिया। विभाग द्वारा कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया।

भाग चंद ने शुरू में एकीकृत बागवानी विकास मिशन व हिमाचल पुष्प क्रांति  योजना के तहत वर्ष 2020 में तीन पॉलीहाउस लगाकर कार्नेशन फूलों की खेती शुरू की। अच्छी फसल व बाजार में बेहतर दाम मिलने पर वर्ष 2022, 2023 और 2024 में  अतिरिक्त पॉलीहाउस स्थापित किए और कार्नेशन की खेती को विस्तार दिया। वर्तमान में वे लगभग 1700 वर्ग मीटर भूमि पर कार्नेशन, स्प्रे कार्नेशन, स्टोमा, जिप्सो किस्म के फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे कार्नेशन दिल्ली शहर में बेचते हैं। इससे प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है।



हिमाचल पुष्प क्रांति योजना व एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत गोहर ब्लॉक में अभी तक 66 किसान पॉलीहाउस तकनीक से फूलों की खेती कर रहे हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन व हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत वर्ष 2022 से अभी तक विभाग द्वारा लगभग 60 लाख रुपए की राशि उपदान के रूप में किसानों को प्रदान की गई है।
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