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Himachal News: हाईकोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग पर स्वत: संज्ञान से किया इन्कार, एसपी संजीव गांधी का आवेदन खारिज

Thu, 29 May 2025 11:06 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 29 May 2025 11:06 AM IST
सार

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने एसपी संजीव गांधी की ओर से दायर आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले से संबंधित मूल याचिका पहले ही निपटा दी गई है।

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Himachal High Court refuses cognizance on live streaming SP Sanjeev Gandhi application rejected
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विधायक सुधीर शर्मा की ओर से सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो दिखाने के मामले में स्वत: संज्ञान लेने से किया इन्कार कर दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने एसपी संजीव गांधी की ओर से दायर आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले से संबंधित मूल याचिका पहले ही निपटा दी गई है। सरकार इसके लिए नियमों और प्रावधानों के तहत अलग से उचित याचिका दायर करे।

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महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट में जो लाइव स्ट्रीमिंग होती है, उसमें एक मामला चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत का है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और अन्य व्यक्तियों की ओर से लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो का कुछ भाग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाया गया, जो हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग ऑफ कोर्ट प्रोसीडिंग्स रूल्स, 2023 का उल्लंघन है। इसके लिए सुधीर शर्मा पर अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए। महाधिवक्ता ने शर्मा पर भारतीय कॉपीराइट अधिनियम 1957, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, भारतीय न्याय संहिता 2023 और न्यायालय की अवमानना अधिनियम 1971 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
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सरकार ने अदालत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उक्त वीडियो को तत्काल हटाने का अनुरोध किया था, जिससे आवेदक के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन रोका जा सके। महाधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि चूंकि मूल रिट याचिका का निपटारा पहले ही हो चुका है, इसलिए न्यायालय इस मामले में और कार्रवाई करने के लिए अधिकृत नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि आवेदक को कोई शिकायत है तो वह अपनी शिकायतों के निवारण के लिए स्वतंत्र रूप से उचित और उपयुक्त आवेदन या याचिका दायर कर सकता है।

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