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Himachal News: नौणी यूनिवर्सिटी की चार नर्सरियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता, मौसम के अनुकूल तैयार होंगे पौधे

Tue, 28 Jan 2025 07:17 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 28 Jan 2025 07:17 PM IST
सार

नौणी यूनिवर्सिटी सोलन की चार नर्सरियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। नौणी विवि ने इन चारों नर्सरियों में वानिकी को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है।

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Himachal Four nurseries of Nauni University have been recognized at the national level
नौणी यूनिवर्सिटी सोलन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नौणी यूनिवर्सिटी सोलन के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय की चार नर्सरियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। यह प्रमाणीकरण (आईसीएआर) सेंट्रल एग्रोफॉरेस्ट्री रिसर्च इंस्टीट्यूट झांसी ने किया है। नौणी विवि ने इन चारों नर्सरियों में वानिकी को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। प्रमाणित नर्सरियों में दो मुख्य परिसर नौणी में वन वृक्ष नर्सरी, वृक्ष सुधार, बागवानी एवं वानिकी कॉलेज नेरी और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान जाच्छ कांगड़ा शामिल हैं।

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वन नर्सरी मान्यता पहल का उद्देश्य देशभर में गुणवत्तापूर्ण वन नर्सरी की स्थापना और प्रबंधन को बढ़ावा देना है। मान्यता मिलने के बाद अब देशभर में नौणी विवि की ओर से तैयार वन पौधों का को भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले भी पौधों की खरीद प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में हो रही थी, लेकिन इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं थी, लेकिन अब इसे पूरे प्रमाण के साथ दिया जाएगा। नौणी विवि की ओर से इन नर्सरियों में मौसम, पर्यावरण उच्च गुणवत्ता वाले, रोग-मुक्त पौधे प्रदान करेगी, जो स्थानीय मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के लिए उपयुक्त होंगे।
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चार नर्सरियों को मान्यता मिली है। इसके तहत किसानों को सरकारी योजनाओं तक पहुंच और कृषि वानिकी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता भी मिलती है, जिससे गुणवत्तापूर्ण पौधों में निवेश करना अधिक किफायती होगा। इसके अलावा मान्यता प्राप्त नर्सरी द्वारा प्रचारित टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने से मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार करने में मदद मिलती है, जिससे दीर्घकालिक पौधरोपण में सफलता मिलती है- डॉ. संजीव चौहान,निदेशक, नौणी विवि अनुसंधान

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