फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Election: Government employees want old pension scheme instead of nps

Himachal Election: हिमाचल में सरकारी कर्मी बदलते हैं ‘सत्ता’, मूड सेट है पर सुन सभी की रहे हैं!

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 09 Nov 2022 10:56 PM IST
विज्ञापन
सार
Himachal Election: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने वादा किया है कि जिस तरह उनकी पार्टी ने दूसरे राज्यों में पुरानी पेंशन की बहाली की है, सत्ता में आने पर इस राज्य में भी की जाएगी। प्रदेश में हर जगह ओपीएस की चर्चा हो रही है। इस मुद्दे पर हमारे संवाददाता ने जानी शिमला के लोगों की राय...
loader
Himachal Election: Government employees want old pension scheme instead of nps
Himachal Pradesh Election - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में मतदान की तिथि निकट आते-आते पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी 'ओपीएस' का मुद्दा, चुनावी हवा को बदल रहा है। लोगों से की गई बातचीत में सामने आया है कि एक यही मुद्दा ऐसा है, जो कांग्रेस के लिए संजीवनी बन सकता है, तो वहीं भाजपा के लिए मुसीबत। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रति लोग सॉफ्ट हैं। वे कहते हैं, सीएम तो काम करने वाला व्यक्ति है। कोई आरोप नहीं है। जमीन से जुड़े हैं, मगर ओपीएस उनके हाथ में नहीं है।

कांग्रेस ने ओपीएस लागू करने का वादा कर चुनावी बयार की दिशा मोड़ने का प्रयास किया है। कुमारहट्टी के ध्यान सिंह ने कहा, चुनाव में 'पुरानी पेंशन व्यवस्था' का बड़ा मुद्दा है। कोई एक दिन के लिए विधायक बनता है, तो उसे पेंशन मिल जाती है। कर्मचारी को 58 साल तक सेवा करने के बाद भी पेंशन नहीं मिलती। चुनाव में ओपीएस, सौ फीसदी मुद्दा है। हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सरकार बदली जाती है। यहां घर-घर में सरकारी कर्मचारी है। रिवाज तो बना रहेगा।

ओपीएस पर भाजपा सतर्क, मगर कोई तोड़ नहीं

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने वादा किया है कि जिस तरह उनकी पार्टी ने दूसरे राज्यों में पुरानी पेंशन की बहाली की है, सत्ता में आने पर इस राज्य में भी की जाएगी। प्रदेश में हर जगह ओपीएस की चर्चा हो रही है। यह मुद्दा चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है। लोगों का कहना था कि सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन बहुत जरूरी है। कांग्रेस पार्टी, वोटिंग से तीन चार दिन पहले अपने कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाकर, सरकारी कर्मियों से संपर्क करने के लिए उनके घरों पर भेज रही है।

भाजपा भी इस मुद्दे पर सतर्क है। पार्टी नेता मानते हैं कि एक यही ऐसा मुद्दा है, जिसका कोई तोड़ नहीं है। ओपीएस को लेकर न तो किसी केंद्रीय मंत्री ने कोई दिलासा दिया है और न ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस बाबत कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। वे केवल इतना ही कहते हैं कि जब 'डबल इंजन' की सरकार होगी, तो ही इस मुद्दे पर विचार हो पाएगा। लोगों का कहना था कि अगर पीएम मोदी, ओपीएस पर कोई पॉजिटिव घोषणा करें तो हिमाचल का चुनाव पूरी तरह पलट सकता है। वजह, प्रदेश में सरकारी कर्मियों की संख्या करीब दो लाख है।

यहां के लोगों को कोई भी उलझा नहीं सकता

हिमाचल में चुनाव प्रचार के लिए आ रहे कांग्रेस पार्टी के नेता राजस्थान और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हैं। वे कहते हैं कि इन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, तो वहां पर ओपीएस लागू कर दिया गया। कुमारहट्टी के ध्यान सिंह ने कहा, चुनाव में 'पुरानी पेंशन व्यवस्था' ओपीएस का मुद्दा है। हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सरकार बदली जाती है। यहां घर-घर में सरकारी कर्मचारी है। हिमाचल के लोग चुप रहते हैं। यहां पढ़े-लिखे लोग हैं। राज्य के लोगों का मूड कोई नहीं जान पाता। उनका जो मूड है वो सेट है। वे लोग भाजपा की रैली में भी जाते हैं और कांग्रेस की रैली में भी जाते हैं। वे नेताओं को सुनते हैं कि वो क्या कह रहा है। कोई उन्हें बहका नहीं सकता। वे चुप रहते हैं। चाहे कोई भी बड़े से बड़ा नेता क्यों न आ जाए। कोई भी उन्हें उलझा नहीं सकता।

एडवोकेट विजय सुल्तानपुरी ने कहा, रिवाज बना रहेगा। भाजपा के दावों को खारिज करते हुए वे बोले, महंगाई बड़ा मुद्दा है। ओपीएस के मुद्दे पर लोग गंभीर है। जैसा रिवाज चला आ रहा है, आगे भी वैसे ही चलता रहेगा। यानी बदलाव होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed