Pratibha Singh: हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा बोलीं- निष्क्रिय पदाधिकारी होंगे बाहर, होंगी नई नियुक्तियां
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि जो पदाधिकारी संगठन के कार्यों व इसकी बैठकों को समय नही दे पा रहे हैं उनकी जगह नए कर्मठ पदाधिकारी बनाएं जाएंगे।
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हिमाचल कांग्रेस से निष्क्रिय पदाधिकारी जल्द बाहर होंगे। संगठन की गतिविधियों को समय नहीं देने वालों की जगह अब नई नियुक्तियां की जाएंगी। दिल्ली में पार्टी हाईकमान से चर्चा कर लौटीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि वह जल्द सभी जिलों का दौरा कर फीडबैक लेंगी। संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए पार्टी में कर्मठ कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेवारियां दी जाएंगी। प्रतिभा सिंह ने कहा कि संगठन सर्वोपरि है। इसकी मजबूती के लिए पार्टी के सभी नेताओं व पदाधिकारियों को एकजुटता से काम करना होगा।
कहा कि जो पदाधिकारी संगठन के कार्यों व बैठकों को समय नहीं दे पा रहे हैं, उनकी जगह नए कर्मठ पदाधिकारी बनाए जाएंगे। आलाकमान से इस बारे में विस्तृत चर्चा की गई है। आलाकमान का स्पष्ट मानना है कि जो पदाधिकारी निष्क्रिय साबित हो रहे हैं, उनकी जगह नए व कर्मठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। प्रतिभा ने कहा है कि वह जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों का दौरा कर पदाधिकारियों से फीडबैक लेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कार्य करने व भाजपा के किसी भी दुष्प्रचार व षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देने का आह्वान किया।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट भी बनेगी बदलाव का आधार
संगठन में बदलाव के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट भी बड़ा आधार बनेगी। लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर मिली हार के बाद संगठन की मजबूती के लिए हाईकमान ने सांसद रजनी पाटिल और पूर्व सांसद पीएल पुनिया की अगुवाई में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाकर शिमला भेजी थी। कमेटी ने सभी नेताओं से चर्चा करने के बाद अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सौंप दी है।
अधिकांश नेताओं ने संगठन की कमजोरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। राज्य कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों की लंबी फौज होने के बावजूद फील्ड में पूरी मुस्तैदी से कई नेताओं की ओर से प्रचार नहीं करने की शिकायतें भी की गईं थीं। ऐसे में संभावित है कि अब कई नेताओं को पार्टी में मिली जिम्मेवारियों से हटाया जाएगा। वन मैन वन पोस्ट का सिद्धांत भी सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इसके तहत सरकार में ओहदे प्राप्त नेताओं को संगठन और सरकार में एक ही पद लेने के निर्देश दिए जा सकते हैं।