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Hamirpur (Himachal) News: मोक्ष धाम का कायाकल्प में युवाओं की पहल
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तीन गांवों के युवाओं ने मोक्ष धाम के साथ बैठने के लिए बनाया शेड
पूर्व में बने शेड में महज 25 से 30 लोगों के ही बैठने की थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
टौणीदेवी (हमीरपुर)। विकास खंड टौणी देवी के अंतर्गत रविवार को बारीं, माहडे और चाहड़ गांव के युवाओं ने मोक्ष धाम के कायाकल्प का कार्य किया। युवाओं ने मोक्ष धाम के साथ बैठने के लिए शेड का निर्माण किया। तीन गांवों के संगम स्थल पर स्थित श्मशानघाट में बैठने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में युवाओं ने निजी तौर पर आपसी सहमति से मोक्ष धाम में शेड का निर्माण किया। युवाओं में विपिन चंदेल, रजनीश, अश्वनी, संजीव, देशराज, जयराज, हरबंश सिंह आदि ने कहा कि मोक्ष धाम में एक पुराना शेड 1985 में बनाया गया था। उसमें बड़ी मुश्किल से 25 से 30 लोग बैठ सकते थे और बारिश के दौरान लोगों को वहां पर भीगना पड़ता था। कई बार पंचायत में निवेदन किया लेकिन बजट व मनरेगा में कार्य एक तो धीमी गति से होता और इसके निर्माण में समय लग सकता था। युवा इस कार्य को शीघ्र व अपनी देखरेख में करवाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने किसी भी सरकारी एजेंसी को संलिप्त नहीं किया और मोक्ष धाम के लिए महाकाल मोक्ष धाम कमेटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि मोक्ष धाम में शेड निर्माण कार्य के लिए तीन गांवों के अलावा अनेक समाजसेवियों ने दान दिया। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन, शटरिंग प्लेट, मिक्सर, रेत, बजरी, सीमेंट व सरिया दान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्य पर लगभग तीन से चार लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अब यहां पर 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था कर दी गई है।
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पूर्व में बने शेड में महज 25 से 30 लोगों के ही बैठने की थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
टौणीदेवी (हमीरपुर)। विकास खंड टौणी देवी के अंतर्गत रविवार को बारीं, माहडे और चाहड़ गांव के युवाओं ने मोक्ष धाम के कायाकल्प का कार्य किया। युवाओं ने मोक्ष धाम के साथ बैठने के लिए शेड का निर्माण किया। तीन गांवों के संगम स्थल पर स्थित श्मशानघाट में बैठने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में युवाओं ने निजी तौर पर आपसी सहमति से मोक्ष धाम में शेड का निर्माण किया। युवाओं में विपिन चंदेल, रजनीश, अश्वनी, संजीव, देशराज, जयराज, हरबंश सिंह आदि ने कहा कि मोक्ष धाम में एक पुराना शेड 1985 में बनाया गया था। उसमें बड़ी मुश्किल से 25 से 30 लोग बैठ सकते थे और बारिश के दौरान लोगों को वहां पर भीगना पड़ता था। कई बार पंचायत में निवेदन किया लेकिन बजट व मनरेगा में कार्य एक तो धीमी गति से होता और इसके निर्माण में समय लग सकता था। युवा इस कार्य को शीघ्र व अपनी देखरेख में करवाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने किसी भी सरकारी एजेंसी को संलिप्त नहीं किया और मोक्ष धाम के लिए महाकाल मोक्ष धाम कमेटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि मोक्ष धाम में शेड निर्माण कार्य के लिए तीन गांवों के अलावा अनेक समाजसेवियों ने दान दिया। कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन, शटरिंग प्लेट, मिक्सर, रेत, बजरी, सीमेंट व सरिया दान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्य पर लगभग तीन से चार लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अब यहां पर 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था कर दी गई है।