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Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा को विश्व स्तरीय बनाने के लिए बणी में होगी कार्यशाला
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर निर्भर करती है देश और समाज की प्रगति : शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। प्रसिद्ध शिक्षाविद नवोदय विद्यालय के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के महामंत्री देश राज शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि देश और समाज की प्रगति उस देश की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। नई शिक्षा नीति जॉयफुल लर्निंग, रचनात्मकता, तार्किक सोच, बहुविषयक और लचीलेपन की बात करती है। चार वर्ष पूर्व घोषित शिक्षा नीति भारत को विकसित राष्ट्रों में खड़ा करेगी तथा विश्व के कल्याण में सहायक होगी। छठी कक्षा से कौशल, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के विषयों को जोड़ती है, वहीं मौलिक सोच और खोज पर आधारित सीख के लिए प्राथमिक शिक्षा को मातृभाषा में प्रदान करने का प्रावधान रखती है।
भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति पर आधारित यह दस्तावेज 21वीं शताब्दी के कौशलों पर जोर देता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में घोषित पाठ्यचर्या को कक्षा कक्ष में क्रियान्वयन करना एक बड़ी चुनौती है। इन चुनौतियों के समाधान के लिए तथा शिक्षा को विश्व स्तरीय बनाने के लिए बणी में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला में शिक्षाविद चिंतन करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। प्रसिद्ध शिक्षाविद नवोदय विद्यालय के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के महामंत्री देश राज शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि देश और समाज की प्रगति उस देश की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। नई शिक्षा नीति जॉयफुल लर्निंग, रचनात्मकता, तार्किक सोच, बहुविषयक और लचीलेपन की बात करती है। चार वर्ष पूर्व घोषित शिक्षा नीति भारत को विकसित राष्ट्रों में खड़ा करेगी तथा विश्व के कल्याण में सहायक होगी। छठी कक्षा से कौशल, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के विषयों को जोड़ती है, वहीं मौलिक सोच और खोज पर आधारित सीख के लिए प्राथमिक शिक्षा को मातृभाषा में प्रदान करने का प्रावधान रखती है।
भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति पर आधारित यह दस्तावेज 21वीं शताब्दी के कौशलों पर जोर देता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में घोषित पाठ्यचर्या को कक्षा कक्ष में क्रियान्वयन करना एक बड़ी चुनौती है। इन चुनौतियों के समाधान के लिए तथा शिक्षा को विश्व स्तरीय बनाने के लिए बणी में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला में शिक्षाविद चिंतन करेंगे।
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