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Hamirpur (Himachal) News: सरकारी फाइल की धीमी रफ्तार मेें उलझे तार
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हमीरपुर के मुख्यबाजार में फैला बिजली तारों का जंजाल। संवाद।
तारों में उलझी जिंदगी अभियान भाग-4
बिजली तारों की गिरफ्त में है मुख्य बाजार, हादसे का खतारा
हमीरपुर शहर में एचटी और एलटी लाइनों को भूमिगत करने की योजना लटकी
20 करोड़ रुपये का बजट हुआ है स्वीकृत, योजना को अभी मंजूरी का इंतजार
शहर में आए दिन हो रहे हादसे, भूमिगत बिजली लाइन योजना कारगर विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला मुख्यालय का मुख्य बाजार गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक बिजली की तारों की गिरफ्त में है। एचटी और एलटी लाइनों से घर और व्यावसायिक भवन अटे हुए हैं। इतना ही नहीं सरकारी भवन भी इन तारों के जंजाल में उलझे हुए हैं। हमीरपुर शहर में एचटी और एलटी लाइनों को भूमिगत करने की बिजली बोर्ड की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। सीएम सुक्खू ने गांधी चौक में आयोजित कार्यक्रम में शहर को तारों के जाल से मुक्त करने के लिए 20 करोड़ देने की घोषणा की थी।
सीएम की घोषणा के बाद बोर्ड को 20 करोड़ का बजट भी प्राप्त हो चुका है लेकिन लाइनों के जाल को हटाने का कार्य शुरू होना तो दूर अभी तक टेंडरिंग प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। इस योजना के तहत गांधी चौक से लेकर बाजार की सब्जी मंडी तक बिजली लाइनों को भूमिगत करने की डीपीआर तैयार की गई है। यह डीपीआर भी मंजूर हो चुकी है लेकिन अभी तक बोर्ड निदेशालय को भेजी गई अन्य औपचारिकताओं की फाइल शिमला में ही अटकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू अपने हालिया दौरे के दौरान भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों से अपडेट ले चुके हैं लेकिन सरकारी फाइल की धीमी रफ्तार हमीरपुर शहर की तारों से मुक्ति के सपने पर भारी पड़ रही है। निजी के साथ सरकारी भवनों की छतों पर ये तार अनहोनी को न्योता दे रहे हैं। शासन की सुस्ती लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ समय में शहर में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई लोग इन बिजली तारों की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में शासन की यह सुस्ती शहर में आगामी समय में कई लोगों पर भारी पड़ सकती है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों को सीएम की घोषणा के चलते इस कार्य के जल्द होने की उम्मीद थी लेकिन यह योजना भी धीमी रफ्तार के कारण अभी तक बोर्ड निदेशालय में ही अटकी हुई है।
कोट
बिजली बोर्ड वृत्त हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता आशीष कपूर ने कहा कि योजना के तहत बजट मिल चुका है। कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं जिन्हें पूरा किया जा रहा है। निदेशालय स्तर पर यह औपचारिकताएं पूरी होते ही इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा।
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बिजली तारों की गिरफ्त में है मुख्य बाजार, हादसे का खतारा
हमीरपुर शहर में एचटी और एलटी लाइनों को भूमिगत करने की योजना लटकी
20 करोड़ रुपये का बजट हुआ है स्वीकृत, योजना को अभी मंजूरी का इंतजार
शहर में आए दिन हो रहे हादसे, भूमिगत बिजली लाइन योजना कारगर विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला मुख्यालय का मुख्य बाजार गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक बिजली की तारों की गिरफ्त में है। एचटी और एलटी लाइनों से घर और व्यावसायिक भवन अटे हुए हैं। इतना ही नहीं सरकारी भवन भी इन तारों के जंजाल में उलझे हुए हैं। हमीरपुर शहर में एचटी और एलटी लाइनों को भूमिगत करने की बिजली बोर्ड की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। सीएम सुक्खू ने गांधी चौक में आयोजित कार्यक्रम में शहर को तारों के जाल से मुक्त करने के लिए 20 करोड़ देने की घोषणा की थी।
सीएम की घोषणा के बाद बोर्ड को 20 करोड़ का बजट भी प्राप्त हो चुका है लेकिन लाइनों के जाल को हटाने का कार्य शुरू होना तो दूर अभी तक टेंडरिंग प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है। इस योजना के तहत गांधी चौक से लेकर बाजार की सब्जी मंडी तक बिजली लाइनों को भूमिगत करने की डीपीआर तैयार की गई है। यह डीपीआर भी मंजूर हो चुकी है लेकिन अभी तक बोर्ड निदेशालय को भेजी गई अन्य औपचारिकताओं की फाइल शिमला में ही अटकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू अपने हालिया दौरे के दौरान भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों से अपडेट ले चुके हैं लेकिन सरकारी फाइल की धीमी रफ्तार हमीरपुर शहर की तारों से मुक्ति के सपने पर भारी पड़ रही है। निजी के साथ सरकारी भवनों की छतों पर ये तार अनहोनी को न्योता दे रहे हैं। शासन की सुस्ती लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ समय में शहर में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई लोग इन बिजली तारों की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में शासन की यह सुस्ती शहर में आगामी समय में कई लोगों पर भारी पड़ सकती है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों को सीएम की घोषणा के चलते इस कार्य के जल्द होने की उम्मीद थी लेकिन यह योजना भी धीमी रफ्तार के कारण अभी तक बोर्ड निदेशालय में ही अटकी हुई है।
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कोट
बिजली बोर्ड वृत्त हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता आशीष कपूर ने कहा कि योजना के तहत बजट मिल चुका है। कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं जिन्हें पूरा किया जा रहा है। निदेशालय स्तर पर यह औपचारिकताएं पूरी होते ही इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा।
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