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Hamirpur (Himachal) News: डाडू और बड़ोह गांव में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान
Sat, 05 Sep 2026 12:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:59 AM IST
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भरेड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के गांव डाडू और बड़ोह में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बंदरों के झुंड के कारण महिलाओं का खेतों में रोजमर्रा के काम के लिए जाना मुश्किल हो गया है, वहीं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला डाडू की पाठशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित ग्रामीणों विजय, अजय, राजीव और संजीव ने बताया कि बंदरों के झुंड खेतों में पहुंचकर मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गांव के दुकानदार भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदर दुकानों के आसपास मंडराते रहते हैं और मौका मिलते ही खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। उन्हें भगाने का प्रयास करने पर कई बार बंदर आक्रामक हो जाते हैं, जिससे लोगों को चोट लगने का खतरा रहता है।
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स्कूली बच्चों के आने-जाने वाले रास्तों पर भी बंदरों के झुंड दिखाई देने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रदेश सरकार से बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान, प्रभावी पकड़ अभियान और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के उचित प्रबंध करने की मांग की है।
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राजकीय माध्यमिक पाठशाला डाडू की पाठशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित ग्रामीणों विजय, अजय, राजीव और संजीव ने बताया कि बंदरों के झुंड खेतों में पहुंचकर मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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गांव के दुकानदार भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदर दुकानों के आसपास मंडराते रहते हैं और मौका मिलते ही खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। उन्हें भगाने का प्रयास करने पर कई बार बंदर आक्रामक हो जाते हैं, जिससे लोगों को चोट लगने का खतरा रहता है।
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स्कूली बच्चों के आने-जाने वाले रास्तों पर भी बंदरों के झुंड दिखाई देने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रदेश सरकार से बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान, प्रभावी पकड़ अभियान और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के उचित प्रबंध करने की मांग की है।