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Hamirpur (Himachal) News: 40 हजार डेस्क के टेंडर पर यूनियन ने उठाए सवाल
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हिमाचल प्रदेशस्मॉल फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स यूनियन की वार्षिक बैठक में उपस्थित पदाधिकारी एवं
अधिकारियों पर आचार संहिता में टेंडर आमंत्रित करने का लगाया आरोप
हिमाचल प्रदेश लघु फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स यूनियन की वार्षिक बैठक में चर्चा
नियमों का उल्लंघन
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश लघु फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स यूनियन की वार्षिक बैठक प्रदेश अध्यक्ष रमेश धीमान की अध्यक्षता में हमीरपुर के निजी होटल में रविवार को हुई। इसमें प्रदेशभर के फर्नीचर निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान फर्नीचर निर्माताओं को पेश आ रही कठिनाइयों के बारे में हिमाचल सरकार और भारत सरकार को अवगत करवाने को लेकर रणनीति बनाई गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 13 मार्च 2024 को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 40 हजार डेस्क का टेंडर आमंत्रित किया। शर्त रखी गई कि प्रदेश में एमएसएमई उद्योग को पिछले 3 वर्ष की टर्नओवर 5 करोड़ होनी चाहिए। एक उद्योग की टर्नओवर जीआईसी के माध्यम से 23-24 वर्ष की दर्शाई गई। टेक्निकल विड में यह पार्टी टेंडर से बाहर होनी चाहिए थी। जीआईसी ने 20-21, 21-22 और 22- 23 की टर्नओवर मांगी हुई थी। सरकार के 16 मई 2000 के आदेशानुसार प्रदेश के एमएसएमई स्टार्ट अप के टर्नओवर आदि में पूर्ण छूट दी गई है, लेकिन हिमाचल सरकार के अधिकारियों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। बताया गया कि प्रदेश के अधिकारियों व मंत्रियों के कहने से हुआ है। यूनियन इसका पर्दाफाश करके छोड़ेगी। प्रदेश के 99 फीसदी उद्योगों की सालाना टर्नओवर एक करोड़ से भी कम है। यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि 40 हजार डेस्क की खरीद के लिए नियंत्रक भंडार से कोई भी आपत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया है। इस बजट को जीआईसी के लिए स्थानांतरित करने के लिए कोई भी कैबिनेट बैठक में निर्णय नहीं लिया गया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश धीमान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और भारत सरकार को उचित एजेंसी को जांच सौंपनी चाहिए, ताकि इसमें भ्रष्टाचार को सार्वजनिक किया जा सके।
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हिमाचल प्रदेश लघु फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स यूनियन की वार्षिक बैठक में चर्चा
नियमों का उल्लंघन
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश लघु फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स यूनियन की वार्षिक बैठक प्रदेश अध्यक्ष रमेश धीमान की अध्यक्षता में हमीरपुर के निजी होटल में रविवार को हुई। इसमें प्रदेशभर के फर्नीचर निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान फर्नीचर निर्माताओं को पेश आ रही कठिनाइयों के बारे में हिमाचल सरकार और भारत सरकार को अवगत करवाने को लेकर रणनीति बनाई गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 13 मार्च 2024 को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए 40 हजार डेस्क का टेंडर आमंत्रित किया। शर्त रखी गई कि प्रदेश में एमएसएमई उद्योग को पिछले 3 वर्ष की टर्नओवर 5 करोड़ होनी चाहिए। एक उद्योग की टर्नओवर जीआईसी के माध्यम से 23-24 वर्ष की दर्शाई गई। टेक्निकल विड में यह पार्टी टेंडर से बाहर होनी चाहिए थी। जीआईसी ने 20-21, 21-22 और 22- 23 की टर्नओवर मांगी हुई थी। सरकार के 16 मई 2000 के आदेशानुसार प्रदेश के एमएसएमई स्टार्ट अप के टर्नओवर आदि में पूर्ण छूट दी गई है, लेकिन हिमाचल सरकार के अधिकारियों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। बताया गया कि प्रदेश के अधिकारियों व मंत्रियों के कहने से हुआ है। यूनियन इसका पर्दाफाश करके छोड़ेगी। प्रदेश के 99 फीसदी उद्योगों की सालाना टर्नओवर एक करोड़ से भी कम है। यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि 40 हजार डेस्क की खरीद के लिए नियंत्रक भंडार से कोई भी आपत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया है। इस बजट को जीआईसी के लिए स्थानांतरित करने के लिए कोई भी कैबिनेट बैठक में निर्णय नहीं लिया गया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश धीमान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और भारत सरकार को उचित एजेंसी को जांच सौंपनी चाहिए, ताकि इसमें भ्रष्टाचार को सार्वजनिक किया जा सके।
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