{"_id":"66a7a7a654ebaf99be0c4d3b","slug":"umpires-and-linesmen-should-be-appointed-as-per-rules-in-state-level-competition-sangh-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-132442-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में नियमानुसार ही लगाए अंपायर और लाइनमैन : संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में नियमानुसार ही लगाए अंपायर और लाइनमैन : संघ
Tue, 30 Jul 2024 07:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 30 Jul 2024 07:59 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। जिला बैडमिंटन संघ ने अंडर-15 और अंडर-17 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जिला बैडमिंटन संघ के प्रधान सुशील सोनी और जिला महासचिव शम्मी सोनी और रेफरी प्रदीप ठाकुर ने कहा कि अणु के साई स्पोर्ट्स सेंटर में हुई अंडर-15 और अंडर-17 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अनियमितताएं बरतने का आरोप सरासर गलत है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अंपायर, लाइनमैन नियमों के अनुसार ही लगाए गए थे। अंपायर का वह पहला मैच नहीं था। इससे पहले भी अंपायर जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं करवा चुके हैं। इंटर यूनिवर्सिटी, राज्य स्तरीय और बंगलूरू में टीम मैनेजर की भूमिका निभा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में एक मैच लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक चला। मैच के दौरान भी शिकायतकर्ता को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन मैच खत्म होने के 15 घंटे के बाद इन्होंने झूठा आरोप लगाए है।
वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में आयु को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मगर खिलाड़ी अपने जिले से चयनित होते हैं। सबसे पहले उनका आयु प्रमाण पत्र ही जिला स्तर पर जांचा जाता है। इसके पश्चात ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जब विरोध हुआ तो हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ी के अभिभावक से आयु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार नकल की जांच गई, जिसके बाद ही उसको खेलने की अनुमति दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अंपायर, लाइनमैन नियमों के अनुसार ही लगाए गए थे। अंपायर का वह पहला मैच नहीं था। इससे पहले भी अंपायर जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं करवा चुके हैं। इंटर यूनिवर्सिटी, राज्य स्तरीय और बंगलूरू में टीम मैनेजर की भूमिका निभा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में एक मैच लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक चला। मैच के दौरान भी शिकायतकर्ता को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन मैच खत्म होने के 15 घंटे के बाद इन्होंने झूठा आरोप लगाए है।
विज्ञापन
वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में आयु को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मगर खिलाड़ी अपने जिले से चयनित होते हैं। सबसे पहले उनका आयु प्रमाण पत्र ही जिला स्तर पर जांचा जाता है। इसके पश्चात ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जब विरोध हुआ तो हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ी के अभिभावक से आयु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार नकल की जांच गई, जिसके बाद ही उसको खेलने की अनुमति दी गई।
विज्ञापन