{"_id":"663cb5f88934c8b3d1065afa","slug":"there-should-be-no-change-in-the-promotion-quota-from-headmaster-to-principal-union-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-127270-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में नहीं हो परिवर्तन : संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में नहीं हो परिवर्तन : संघ
विज्ञापन
कहा, सूबे में 16589 प्रवक्ता, 16318 टीजीटी तो कोटा 50: 50 ही रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ के पदाधिकारियों ने प्रेस बयान में कहा कि अब मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में दस फीसदी कटौती का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग की ओर से फिर से बनाया जा रहा है। इसे तुरंत वापस लिया जाए क्योंकि टीजीटी के साथ प्रमोटी प्रवक्ता और मुख्याध्यापक मिलाकर 26000 शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित होंगे। इन वर्गों के लिए प्रधानाचार्य पद के लिए मुख्याध्यापक चैनल से प्रमोट होना ही सुलभ है। यह मामला वर्ष 2018 में शुरू हुआ था जब प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए कोटा 50 से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की मांग प्रवक्ता संघ ने उठाई थी। वर्ष 1992 में प्रवक्ता को 40 फीसदी और मुख्यध्यापकों को प्रधानाचार्य पदोन्नति में 60 फीसदी कोटा मिलता था। इसके पीछे मुख्य वजह मुख्याध्यापक के पदों की कम संख्या, टीजीटी कैडर की बड़ी संख्या थी लेकिन बाद में यह कोटा 50:50 किया गया। इसके चलते टीजीटी की प्रमोशन प्रभावित हुई। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने प्रवक्ता संघ की मांग अनुसार उनके लिए प्रधानाचार्य प्रमोशन कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का एलान किया तो शिक्षक संघों ने डटकर विरोध किया। इसके चलते यह घोषणा लागू नहीं हुई मगर उच्च शिक्षा विभाग ने अब यही कवायद शुरू कर दी है। इसके खिलाफ प्रदेश के शिक्षक संघ पुरजोर विरोध कर रहे हैं। राजकीय टीजीटी कला संघ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशल, महासचिव विजय हीर और समस्त जिला और राज्य कार्यकारिणी सदस्यों ने प्रदेश सरकार को इस बदलाव को वापस लेने की मांग की है। सूबे में 16589 प्रवक्ता, 16318 टीजीटी तो कोटा 50:50 ही रहना चाहिए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ के पदाधिकारियों ने प्रेस बयान में कहा कि अब मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में दस फीसदी कटौती का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग की ओर से फिर से बनाया जा रहा है। इसे तुरंत वापस लिया जाए क्योंकि टीजीटी के साथ प्रमोटी प्रवक्ता और मुख्याध्यापक मिलाकर 26000 शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित होंगे। इन वर्गों के लिए प्रधानाचार्य पद के लिए मुख्याध्यापक चैनल से प्रमोट होना ही सुलभ है। यह मामला वर्ष 2018 में शुरू हुआ था जब प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए कोटा 50 से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की मांग प्रवक्ता संघ ने उठाई थी। वर्ष 1992 में प्रवक्ता को 40 फीसदी और मुख्यध्यापकों को प्रधानाचार्य पदोन्नति में 60 फीसदी कोटा मिलता था। इसके पीछे मुख्य वजह मुख्याध्यापक के पदों की कम संख्या, टीजीटी कैडर की बड़ी संख्या थी लेकिन बाद में यह कोटा 50:50 किया गया। इसके चलते टीजीटी की प्रमोशन प्रभावित हुई। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने प्रवक्ता संघ की मांग अनुसार उनके लिए प्रधानाचार्य प्रमोशन कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का एलान किया तो शिक्षक संघों ने डटकर विरोध किया। इसके चलते यह घोषणा लागू नहीं हुई मगर उच्च शिक्षा विभाग ने अब यही कवायद शुरू कर दी है। इसके खिलाफ प्रदेश के शिक्षक संघ पुरजोर विरोध कर रहे हैं। राजकीय टीजीटी कला संघ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशल, महासचिव विजय हीर और समस्त जिला और राज्य कार्यकारिणी सदस्यों ने प्रदेश सरकार को इस बदलाव को वापस लेने की मांग की है। सूबे में 16589 प्रवक्ता, 16318 टीजीटी तो कोटा 50:50 ही रहना चाहिए।