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Hamirpur (Himachal) News: बरसात में स्कूल भवन की दीवारें फूलीं, बच्चों को शिफ्ट करने के निर्देश
Fri, 15 Aug 2025 01:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:13 AM IST
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला चमनेड़ में निरीक्षण करते प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक एवं अन्य। संवाद
हमीरपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला चमनेड़ के भवन की दीवारें फूल चुकी हैं। हल्की सी बारिश होने पर स्कूल भवन कभी भी गिर सकता है।
इसके चलते विद्यार्थियों व अध्यापकों की सुरक्षा के लिए उपनिदेशक ने मौके का निरीक्षण कर स्कूल को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। इससे अब विद्यार्थी माध्यमिक स्कूल के पक्के भवन में पढ़ाई करेंगे। उपनिदेशक वीरवार को यहां पर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
गौर हो कि स्कूल में बारिश के कारण 70 वर्ष पूर्व बने कच्चे भवन की दीवारों में सीलन आ चुकी है, जिससे दीवारें पूरी तरह से फूल गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल को पक्के कमरों में शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि नौनिहालों को सुरक्षित किया जा सके।
वीरवार को स्थानीय लोगों व शिक्षक की मांग पर प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया और कक्षाएं सुरक्षित भवन में चलाने के निर्देश दिए। वर्तमान में स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक 16 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। भवन के ही एक कच्चे कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जा रहा है। जहां पर दो से तीन नौनिहाल पढ़ाई कर रहे हैं।
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70 वर्ष पूर्व बने स्कूल भवन की दीवारें कच्ची मिट्टी से बनी हैं, जबकि छत्त पर टीन डाली गई है। दो वर्ष पूर्व विभाग की ओर से स्कूल की पुरानी छत्त को बदलने के लिए बजट जारी किया गया था, ताकि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित भवन बन सके, लेकिन स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कच्ची दीवारों पर सीमेंट का बीम डालकर नई छत्त डलवा दी, जिससे अब मिट्टी की दीवारों में पानी के कारण सीलन आ रही है। इससे स्कूल भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों में दुर्गा दास आदि ने विभाग से भवन को डिस्मेंटल कर नया सुरक्षित भवन बनाने की मांग की है।
दो साल पहले डाली गई थी छत्त
स्कूल को गोद लेने वाले सेवानिवृत्त मास्टर दुर्गादास का कहना है कि आखिर क्यों जर्जर कच्चे भवन पर सीमेंट के बीम डाले गए। यहां पर दो साल पहले छत्त डाली गई थी। इस कार्य से अब दीवारें फूल गई हैं और सरकारी बजट का भी नुकसान हुआ है। हालांकि, उस वक्त भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
कोट्
स्कूल शिक्षक को सुरक्षित भवन में कक्षाएं लगाने के लिए अस्थायी तौर पर स्कूल को शिफ्ट कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी को पुराने भवन को डिस्मेंटल करने और मरम्मत को लेकर प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हादसे का खतरा न रहे।
-कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर
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इसके चलते विद्यार्थियों व अध्यापकों की सुरक्षा के लिए उपनिदेशक ने मौके का निरीक्षण कर स्कूल को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। इससे अब विद्यार्थी माध्यमिक स्कूल के पक्के भवन में पढ़ाई करेंगे। उपनिदेशक वीरवार को यहां पर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
गौर हो कि स्कूल में बारिश के कारण 70 वर्ष पूर्व बने कच्चे भवन की दीवारों में सीलन आ चुकी है, जिससे दीवारें पूरी तरह से फूल गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल को पक्के कमरों में शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि नौनिहालों को सुरक्षित किया जा सके।
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वीरवार को स्थानीय लोगों व शिक्षक की मांग पर प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया और कक्षाएं सुरक्षित भवन में चलाने के निर्देश दिए। वर्तमान में स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक 16 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। भवन के ही एक कच्चे कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जा रहा है। जहां पर दो से तीन नौनिहाल पढ़ाई कर रहे हैं।
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70 वर्ष पूर्व बने स्कूल भवन की दीवारें कच्ची मिट्टी से बनी हैं, जबकि छत्त पर टीन डाली गई है। दो वर्ष पूर्व विभाग की ओर से स्कूल की पुरानी छत्त को बदलने के लिए बजट जारी किया गया था, ताकि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित भवन बन सके, लेकिन स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कच्ची दीवारों पर सीमेंट का बीम डालकर नई छत्त डलवा दी, जिससे अब मिट्टी की दीवारों में पानी के कारण सीलन आ रही है। इससे स्कूल भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों में दुर्गा दास आदि ने विभाग से भवन को डिस्मेंटल कर नया सुरक्षित भवन बनाने की मांग की है।
दो साल पहले डाली गई थी छत्त
स्कूल को गोद लेने वाले सेवानिवृत्त मास्टर दुर्गादास का कहना है कि आखिर क्यों जर्जर कच्चे भवन पर सीमेंट के बीम डाले गए। यहां पर दो साल पहले छत्त डाली गई थी। इस कार्य से अब दीवारें फूल गई हैं और सरकारी बजट का भी नुकसान हुआ है। हालांकि, उस वक्त भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
कोट्
स्कूल शिक्षक को सुरक्षित भवन में कक्षाएं लगाने के लिए अस्थायी तौर पर स्कूल को शिफ्ट कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी को पुराने भवन को डिस्मेंटल करने और मरम्मत को लेकर प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हादसे का खतरा न रहे।
-कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर