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Hamirpur (Himachal) News: पाइपलाइन डालने को बिना अनुमति उखाड़ दिया रास्ता, अब राहगीर खा रहे ठोकरें
Fri, 10 Apr 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:06 AM IST
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राजेश कुमार
हमीरपुर। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर दो रामगली में जल शक्ति विभाग की लापरवाही से लोगों की राह मुश्किल हो गई है। विभाग ने बिना अनुमति लिए संपर्क मार्ग की पेवर टाइलें उखाड़कर पानी की पाइपलाइन तो बिछा दी, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया।
न पाइपलाइन को निर्धारित गहराई में दबाया गया और न ही उखाड़ी गई टाइलों को दोबारा लगाया गया। रामगली से प्रतापनगर को जोड़ने वाला यह अहम रास्ता पिछले एक माह से अधिक समय से बदहाल पड़ा है। सड़क के किनारे टाइलों के ढेर लगे हैं, जबकि बीच रास्ते में उभरी पाइपलाइन राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई है।
वाहन चालक और राहगीर आए दिन ठोकर खाकर गिर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विभाग के अधिकारियों ने इस कार्य के लिए नगर निगम से अनुमति लेना भी जरूरी नहीं समझा। उनका तर्क है कि पूर्व पार्षद से मौखिक सहमति ली गई थी, जबकि डेढ़ वर्ष से नगर निगम का हाउस अस्तित्व में ही नहीं है। ऐसे में यह दलील सवालों के घेरे में है।
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नियमों के अनुसार पानी की पाइपलाइन सड़क की सतह से एक से दो फीट नीचे दबाई जानी चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि रास्ते की दुर्दशा के कारण लोगों ने इस मार्ग से गुजरना कम कर दिया है, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है।
वहीं, नगर निगम ने बिना अनुमति कार्य करने के मामले में कड़ा संज्ञान लेने की बात कही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस रास्ते को दुरुस्त करता है या लोगों की परेशानी यूं ही जारी रहती है।
कोट
रामगली के रास्ते को उखाड़ दिया है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पाइप को भी सही ढंग से दबाया नहीं है। साइकिल सवार कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि इस मार्ग पर केवल दोपहिया वाहन ही आते जाते हैं। -राजेश कुमार, दुकानदार हमीरपुर
नगर निगम के तहत वार्ड नंबर दो के रास्ते से जल शक्ति विभाग ने जो टाइलें उखाड़ी हैं, उन्हें भी सही नहीं लगाया है। रात के अंधेरे में इस मार्ग का प्रयोग करना जोखिम भरा होता है। राहगीर इस रास्ते का प्रयोग एक वार्ड से दूसरे वार्ड को जाने के लिए करते हैं। -हंसराज, राहगीर
नगर निगम के तहत लोगों की मांग पर पानी की पाइपलाइन डाली गई है। इसमें नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं था। इसमें पूर्व पार्षद से भी बात की गई थी। -राकेश वात्स्यान, एसडीओ, जल शक्ति विभाग, हमीरपुर
कोई भी विभाग नगर निगम के क्षेत्र में बिना अनुमति कार्य नहीं कर सकता है। ऐसे में संपर्क मार्ग के हुए नुकसान को भी जल शक्ति विभाग ही ठीक करवाएगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। विभाग को जल्द नोटिस जारी किया जाएगा। -राकेश कुमार, आयुकत, नगर निगम हमीरपुर
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न पाइपलाइन को निर्धारित गहराई में दबाया गया और न ही उखाड़ी गई टाइलों को दोबारा लगाया गया। रामगली से प्रतापनगर को जोड़ने वाला यह अहम रास्ता पिछले एक माह से अधिक समय से बदहाल पड़ा है। सड़क के किनारे टाइलों के ढेर लगे हैं, जबकि बीच रास्ते में उभरी पाइपलाइन राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई है।
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वाहन चालक और राहगीर आए दिन ठोकर खाकर गिर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विभाग के अधिकारियों ने इस कार्य के लिए नगर निगम से अनुमति लेना भी जरूरी नहीं समझा। उनका तर्क है कि पूर्व पार्षद से मौखिक सहमति ली गई थी, जबकि डेढ़ वर्ष से नगर निगम का हाउस अस्तित्व में ही नहीं है। ऐसे में यह दलील सवालों के घेरे में है।
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नियमों के अनुसार पानी की पाइपलाइन सड़क की सतह से एक से दो फीट नीचे दबाई जानी चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि रास्ते की दुर्दशा के कारण लोगों ने इस मार्ग से गुजरना कम कर दिया है, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है।
वहीं, नगर निगम ने बिना अनुमति कार्य करने के मामले में कड़ा संज्ञान लेने की बात कही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस रास्ते को दुरुस्त करता है या लोगों की परेशानी यूं ही जारी रहती है।
कोट
रामगली के रास्ते को उखाड़ दिया है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पाइप को भी सही ढंग से दबाया नहीं है। साइकिल सवार कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि इस मार्ग पर केवल दोपहिया वाहन ही आते जाते हैं। -राजेश कुमार, दुकानदार हमीरपुर
नगर निगम के तहत वार्ड नंबर दो के रास्ते से जल शक्ति विभाग ने जो टाइलें उखाड़ी हैं, उन्हें भी सही नहीं लगाया है। रात के अंधेरे में इस मार्ग का प्रयोग करना जोखिम भरा होता है। राहगीर इस रास्ते का प्रयोग एक वार्ड से दूसरे वार्ड को जाने के लिए करते हैं। -हंसराज, राहगीर
नगर निगम के तहत लोगों की मांग पर पानी की पाइपलाइन डाली गई है। इसमें नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं था। इसमें पूर्व पार्षद से भी बात की गई थी। -राकेश वात्स्यान, एसडीओ, जल शक्ति विभाग, हमीरपुर
कोई भी विभाग नगर निगम के क्षेत्र में बिना अनुमति कार्य नहीं कर सकता है। ऐसे में संपर्क मार्ग के हुए नुकसान को भी जल शक्ति विभाग ही ठीक करवाएगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। विभाग को जल्द नोटिस जारी किया जाएगा। -राकेश कुमार, आयुकत, नगर निगम हमीरपुर

राजेश कुमार

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