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बिरोजा दोहन की पुरानी पद्धति हो लागू : किसान
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बिरोजा उत्पादक संघ बड़सर की बैठक के दौरान मौजूद किसान।
- फोटो : Hamirpur-HP
बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के किसानों ने वन विभाग से निजी जंगलों में चीड़ के पेड़ों से बिरोजा दोहन की पुरानी पद्धति बहाल करने की मांग उठाई है। उपमंडल के सलौणी में मंगलवार को क्षेत्र के किसानों ने किसान सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें किसानों ने एक स्वर में निजी जंगलों में बिरोजा दोहन की मांग वन विभाग व प्रदेश सरकार से की है।
क्षेत्र के किसानों गंगा राम, सुरेश कुमार, रोशन लाल, रंजीत सिंह, बिहारी लाल, संजय कुमार, मेहर सिंह, केसर सिंह, प्रताप सिंह, केवल कृष्ण, बलवंत, सतपाल, विनोद कुमार, देशराज, तिलकराज, दर्शन, हरिकृष्ण, प्यार चंद, सुभाष चंद, देवराज, ओंकार चंद, मदन लाल, भगवान दास, अजीत सिंह, रमेश चंद, दलीप चंद आदि ने कहा कि पिछले कई सालों से विभाग के नियमों के अनुसार निजी पेड़ों से भी बिरोजे का दोहन किया जाता था।
जिसमें 5 फीट से अधिक ऊंचाई तक के पेड़ों से भी बिरोजा निकासी की अनुमति होती थी। उन्होंने मांग की है कि पुरानी पद्धति के अनुसार ही पांच फीट से ऊपर भी बिरोजा निकासी के लिए पौड़ी लगाकर बिरोजा दोहन की अनुमति बहाल की जाए, ताकि किसानों की आय में कोई कमी न आए। अगर विभाग इस पद्धति में बदलाव करता है तो कई पेड़ बिना बिरोजा निकासी से छूट जाएंगे। जिस कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व वन मंत्री राकेश पठानिया से मांग की है कि उनकी समस्या का हल करवाया जाए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
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क्षेत्र के किसानों गंगा राम, सुरेश कुमार, रोशन लाल, रंजीत सिंह, बिहारी लाल, संजय कुमार, मेहर सिंह, केसर सिंह, प्रताप सिंह, केवल कृष्ण, बलवंत, सतपाल, विनोद कुमार, देशराज, तिलकराज, दर्शन, हरिकृष्ण, प्यार चंद, सुभाष चंद, देवराज, ओंकार चंद, मदन लाल, भगवान दास, अजीत सिंह, रमेश चंद, दलीप चंद आदि ने कहा कि पिछले कई सालों से विभाग के नियमों के अनुसार निजी पेड़ों से भी बिरोजे का दोहन किया जाता था।
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जिसमें 5 फीट से अधिक ऊंचाई तक के पेड़ों से भी बिरोजा निकासी की अनुमति होती थी। उन्होंने मांग की है कि पुरानी पद्धति के अनुसार ही पांच फीट से ऊपर भी बिरोजा निकासी के लिए पौड़ी लगाकर बिरोजा दोहन की अनुमति बहाल की जाए, ताकि किसानों की आय में कोई कमी न आए। अगर विभाग इस पद्धति में बदलाव करता है तो कई पेड़ बिना बिरोजा निकासी से छूट जाएंगे। जिस कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व वन मंत्री राकेश पठानिया से मांग की है कि उनकी समस्या का हल करवाया जाए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
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