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Hamirpur (Himachal) News: वनवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग की नर्सरी को मिली राष्ट्रीय स्तर की मान्यता
Fri, 07 Feb 2025 12:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 07 Feb 2025 12:39 AM IST
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नेरी महाविद्यालय के डीन डॉ धर्म पाल शर्मा नर्सरी को राष्ट्रीय स्तरीय मान्यता मिलने पर विभागाध्य
रंगस(हमीरपुर)। डॉ. यशवंत सिंह परमार स्मारक औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी के वनवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग की नर्सरी को राष्ट्र स्तर की मान्यता मिली है।
मान्यता को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से स्थापित राष्ट्रीय नर्सरी मूल्यांकन एवं मान्यता समिति ने जारी किया है। अब महाविद्यालय की नर्सरी में राष्ट्रीय नर्सरी मूल्यांकन एवं मान्यता समिति के स्थापित मानदंडो के अनुसार गुणवत्ता युक्त कृषि वानिकी की पौध तैयार की जाएगी।वर्तमान में नेरी महाविद्यालय के फार्म-दो में स्थित नर्सरी में हरड़, बहेड़ा, आंवला, चंदन आदि विभिन्न प्रकार के औषधीय एवं ईमारती पौधों की पौध तैयार होती है, लेकिन अब नर्सरी में लसूड़ा एवं रीठा सहित अन्य विभिन्न प्रकार के विशेष दुर्लभ प्रजातियों के पौधों की पौध भी तैयार की जाएगी, जिसमें निर्धारित मानदंडों के साथ कार्य किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के डीन डॉ. धर्मपाल शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. सोमदत शर्मा एवं वनवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. नवजोत सिंह कलेर को बधाई दी है।
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मान्यता को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से स्थापित राष्ट्रीय नर्सरी मूल्यांकन एवं मान्यता समिति ने जारी किया है। अब महाविद्यालय की नर्सरी में राष्ट्रीय नर्सरी मूल्यांकन एवं मान्यता समिति के स्थापित मानदंडो के अनुसार गुणवत्ता युक्त कृषि वानिकी की पौध तैयार की जाएगी।वर्तमान में नेरी महाविद्यालय के फार्म-दो में स्थित नर्सरी में हरड़, बहेड़ा, आंवला, चंदन आदि विभिन्न प्रकार के औषधीय एवं ईमारती पौधों की पौध तैयार होती है, लेकिन अब नर्सरी में लसूड़ा एवं रीठा सहित अन्य विभिन्न प्रकार के विशेष दुर्लभ प्रजातियों के पौधों की पौध भी तैयार की जाएगी, जिसमें निर्धारित मानदंडों के साथ कार्य किया जाएगा।
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इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के डीन डॉ. धर्मपाल शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. सोमदत शर्मा एवं वनवर्धन एवं कृषि वानिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. नवजोत सिंह कलेर को बधाई दी है।
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