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Hamirpur (Himachal) News: पेयजल योजना बदहाल... खड्ड में सीधे छोड़ा जा रहा रेस्टोरेंट का दूषित पानी
Fri, 13 Mar 2026 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:16 AM IST
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पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका
हमीरपुर। आखिर पीलिया क्यों न फैले? बड़ू-मोहिं पेयजल योजना के पास हालात ऐसे बन गए हैं कि दूषित और बदबूदार पानी का जमाव योजना से महज करीब 20 मीटर दूरी तक पहुंच गया है। यह स्थिति क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य खतरे की ओर इशारा कर रही है।
दरअसल, बड़ू में पुल निर्माण के दौरान की गई खोदाई के कारण जमली खड्ड का बहाव धीमा पड़ गया है, जिससे गंदा पानी एक जगह जमा हो गया है। इसी बीच एक नामी रेस्टोरेंट और आसपास की कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित जल सीधे खड्ड में छोड़ा जा रहा है। नतीजतन, खड्ड के आसपास बदबूदार पानी का जमाव हो गया है और राहगीरों और वाहन चालकों को यहां से गुजरते समय नाक ढकने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से बनी हुई है। रेस्टोरेंट से छोड़ी जा रही गंदगी और पुल निर्माण के कारण रुके खड्ड के बहाव ने हालात को और बिगाड़ दिया है। इसके चलते आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में अब तक 39 लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की स्थिति भी चिंताजनक है।
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योजना के फिल्टर बैड में जमी काई काली पड़ चुकी है, जिससे लंबे समय से सफाई न होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बरसात से पहले नियमित रूप से सफाई की जाती है, लेकिन फिल्टर बैड की हालत इस दावे पर सवाल खड़े कर रही है।
पीलिया के मामले सामने आने के बाद विभाग की नींद खुली और वीरवार को यहां फिल्टर बैड को खाली करने, गाद निकालने और क्लोरीनेशन का कार्य शुरू किया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। विभाग ने एहतियात के तौर पर योजना से पानी की आपूर्ति भी फिलहाल बंद कर दी है, जिससे करीब एक दर्जन गांवों में शुक्रवार को पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
जमली खड्ड में दूषित जल छोड़े जाने की शिकायत पहले भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद बोर्ड के अधिकारियों ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से जिम्मेदार विभाग पीछे हट रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र यहां दशकों से संचालित है, जबकि रेस्टोरेंट कुछ वर्ष पहले ही शुरू हुआ है, लेकिन अब तक किसी भी इकाई पर प्रदूषण को लेकर कार्रवाई नहीं हुई है।
कुनाह खड्ड तक पहुंच सकता है दूषित पानी
जमली खड्ड आगे जाकर कुनाह खड्ड में मिलती है। कुनाह खड्ड के आसपास नादौन क्षेत्र में करीब एक दर्जन पेयजल योजनाएं संचालित हैं। ऐसे में दूषित पानी के वहां तक पहुंचने से जलजनित रोग फैलने का खतरा और बढ़ गया है। विभाग का तर्क है गंदे पानी का जमाव उनकी पेयजल योजना से कुछ मीटर दूर है, लेकिन यह पानी आगे जाकर कुनाह में मिलता है। इस पर विभाग के पास भी जवाब नहीं है और न ही कोई कार्रवाई कायदे से की जा रही है।
पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप
पुल निर्माण के कारण जमा पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग ने वीरवार को पाइप डाल दिए हैं। जल शक्ति विभाग की सूचना के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे खड्ड में रुका पानी अब धीरे-धीरे बहने लगा है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता दीपक कपिल ने बताया कि निर्माण स्थल पर पानी की गहराई अधिक थी, इसलिए पाइप डालकर पानी की निकासी सुनिश्चित की गई है।
कोट
पेयजल योजना में वीरवार को सफाई और क्लोरीनेशन किया गया है। फिल्टर बैड से गाद भी निकाली गई है। शुक्रवार को इस योजना से पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने बोर भी करवाए हैं। लोगों से अपील है कि पानी को उबालकर ही पिएं।
-राकेश गर्ग, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल हमीरपुर
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दरअसल, बड़ू में पुल निर्माण के दौरान की गई खोदाई के कारण जमली खड्ड का बहाव धीमा पड़ गया है, जिससे गंदा पानी एक जगह जमा हो गया है। इसी बीच एक नामी रेस्टोरेंट और आसपास की कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित जल सीधे खड्ड में छोड़ा जा रहा है। नतीजतन, खड्ड के आसपास बदबूदार पानी का जमाव हो गया है और राहगीरों और वाहन चालकों को यहां से गुजरते समय नाक ढकने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से बनी हुई है। रेस्टोरेंट से छोड़ी जा रही गंदगी और पुल निर्माण के कारण रुके खड्ड के बहाव ने हालात को और बिगाड़ दिया है। इसके चलते आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में अब तक 39 लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की स्थिति भी चिंताजनक है।
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योजना के फिल्टर बैड में जमी काई काली पड़ चुकी है, जिससे लंबे समय से सफाई न होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बरसात से पहले नियमित रूप से सफाई की जाती है, लेकिन फिल्टर बैड की हालत इस दावे पर सवाल खड़े कर रही है।
पीलिया के मामले सामने आने के बाद विभाग की नींद खुली और वीरवार को यहां फिल्टर बैड को खाली करने, गाद निकालने और क्लोरीनेशन का कार्य शुरू किया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। विभाग ने एहतियात के तौर पर योजना से पानी की आपूर्ति भी फिलहाल बंद कर दी है, जिससे करीब एक दर्जन गांवों में शुक्रवार को पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
जमली खड्ड में दूषित जल छोड़े जाने की शिकायत पहले भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद बोर्ड के अधिकारियों ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से जिम्मेदार विभाग पीछे हट रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र यहां दशकों से संचालित है, जबकि रेस्टोरेंट कुछ वर्ष पहले ही शुरू हुआ है, लेकिन अब तक किसी भी इकाई पर प्रदूषण को लेकर कार्रवाई नहीं हुई है।
कुनाह खड्ड तक पहुंच सकता है दूषित पानी
जमली खड्ड आगे जाकर कुनाह खड्ड में मिलती है। कुनाह खड्ड के आसपास नादौन क्षेत्र में करीब एक दर्जन पेयजल योजनाएं संचालित हैं। ऐसे में दूषित पानी के वहां तक पहुंचने से जलजनित रोग फैलने का खतरा और बढ़ गया है। विभाग का तर्क है गंदे पानी का जमाव उनकी पेयजल योजना से कुछ मीटर दूर है, लेकिन यह पानी आगे जाकर कुनाह में मिलता है। इस पर विभाग के पास भी जवाब नहीं है और न ही कोई कार्रवाई कायदे से की जा रही है।
पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप
पुल निर्माण के कारण जमा पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग ने वीरवार को पाइप डाल दिए हैं। जल शक्ति विभाग की सूचना के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे खड्ड में रुका पानी अब धीरे-धीरे बहने लगा है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता दीपक कपिल ने बताया कि निर्माण स्थल पर पानी की गहराई अधिक थी, इसलिए पाइप डालकर पानी की निकासी सुनिश्चित की गई है।
कोट
पेयजल योजना में वीरवार को सफाई और क्लोरीनेशन किया गया है। फिल्टर बैड से गाद भी निकाली गई है। शुक्रवार को इस योजना से पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने बोर भी करवाए हैं। लोगों से अपील है कि पानी को उबालकर ही पिएं।
-राकेश गर्ग, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल हमीरपुर

पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका

पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका

पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका

पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका

पुल निर्माण के चलते डंप हुए मलबे को हटाकर निकासी के लिए पाइप डालते मजदूर और मौके पर मौजूद अधिका