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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   The dream of reaching Hamirpur railway line from Una again remained unfulfilled.

Hamirpur (Himachal) News: ऊना से हमीरपुर रेलवे लाइन पहुंचने सपना फिर रह गया अधूरा

Tue, 23 Jul 2024 07:05 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2024 07:05 PM IST
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केंद्र के वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट में नहीं हो पाई घोषणा
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लोगो बोले, बजट में समस्त राज्यों और क्षेत्रों को बराबर तरजीह देनी चाहिए थी, महज दो राज्यों का रखा ख्याल

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2024- 2025 का बजट पेश किया। इसमें जिला हमीरपुर के बाशिंदों का ऊना से रेलवे लाइन पहुंचने की घोषणा का सपना अधूरा रह गया है। लोगों को उम्मीद थी कि इस वित्तीय वर्ष में इसकी घोषणा होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोना सस्ता हुआ, जिसकी लोगों ने सराहना की और कहा कि इससे अब शादियों में थोड़ी राहत मिलेगी। प्राकृतिक खेती से किसानों को जोड़ने के निर्णय को सराहा गया लेकिन किसानों के लिए कोई विशेष घोषणा व नई योजना लागू न करने का विरोध भी किया। लोगों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बजट में हर राज्य को बराबर तरजीह दी जानी चाहिए लेेकिन ऐसा नहीं हुआ। दीर्घकाल कैपिटल लाभांश पर कर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किये जाने से इस क्षेत्र में अस्थिरता आएगी। केंद्र सरकार के प्रस्तुत बजट पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। लोगों का कहना है बजट में महज बिहार व आंध्र प्रदेश का ख्याल रखा गया है। अन्य राज्यों को अनदेखा किया गया है। वहीं, पहली जॉब पर 15 हजार रुपये सीधे ईपीएफओ अकाउंट में डालने की लोगों ने सराहना की है।



क्या कहते हैं अर्थशास्त्री और अन्य

-बजट सरकार की वार्षिक आय और व्यय का ब्योरा आगामी वर्ष (एक अप्रैल से 31 मार्च) के अनुमानों को प्रकट करता है। इसमें बीते वर्ष की उपलब्धियों, अनुपलब्धियों और व्यय संबंधी रिपोर्ट भी शामिल होनी चाहिए। बजट के उस भाग जिसमें पिछले वर्ष की घटनाओं और व्यय के लक्ष्यों का वर्णन होता है उसका विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मोदी सरकार के वित्तीय वर्ष 2024-25 के इस बजट (अनुमानित 48.21 लाख करोड़) में रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, एमएसएमई और मध्यम वर्ग को केंद्रित किया गया है। कर्मचारी वर्ग के लिए आय कर में बहुप्रतीक्षित राहत देना स्वागत योग्य कदम है। बजट में समस्त राज्यों और क्षेत्रों को बराबर तरजीह देनी चाहिए लेकिन दुर्भाग्यवश इस बजट में अर्थनीति पर राजनीति हावी होती दिखाई दे रही है। दीर्घकाल कैपिटल लाभांश पर कर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किए जाने से इस क्षेत्र में अस्थिरता आएगी। पिछले वर्ष के बजट में आवंटित धनराशि का व्यय लक्षित न होना, सोचने पर मजबूर करता है। --बीके जुनेजा, अर्थशास्त्री
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-यह बजट किसान, बागवान, मजदूर और टैक्स पेयर्स और युवाओं के लिए बहुत अच्छा है। इस बजट में मध्यम वर्ग का भी विशेष ध्यान रखा गया है। किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने का निर्णय बेहतर है लेकिन और कोई योजना नहीं दी। किसानों को होने वाले नुकसान के लिए भी कोई कदम नहीं दिखाई दिया। -हेम राज, किसान
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- महिलाओं के विकास के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा नहीं है। जिला हमीरपुर में रेल पहुंचाने की घोषणा का इंतजार कर रहे लोगों के हाथों में निराशा लगी है। हमीरपुर के लोगों का रेल पहुंचाने का सपना सरकार ने पूरा नहीं किया। हालांकि, सोना चार हजार रुपये सस्ता हुआ। अब शादियों के लिए गहने खरीदने के लिए थोड़ी राहत मिलेगी। -नीतू शर्मा, गृहिणी



-उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन देने की घोषणा सराहनीय है। इससे उन विद्यार्थियों को सहायता मिलेगी जो आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा पूरी नहीं कर पाते। लेकिन, बजट में रोजगार पर अधिक बल नहीं दिया है। इससे युवा शिक्षित होकर भी घरों में बेरोजगार बैठने को मजबूर हैं। -शिवेश राणा, युवा
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