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Hamirpur (Himachal) News: पर्ची काउंटर पर रोजाना लगने वाली भीड़ अब होगी कम
Wed, 02 Apr 2025 12:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 02 Apr 2025 12:04 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में 110 काउंटर पर पुरानी पर्ची से बन रही नई ओपीडी पर्ची। संवाद
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी पर्ची काउंटर पर रोजाना लगने वाली भीड़ को कम करने करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। मरीजों की पुरानी पर्ची पर अब काउंटर नंबर 110 पर नई ओपीडी पर्ची बनाई जा रही है। यहां पर बिना ओटीपी जनरेट किए ही पर्ची बन रही है। पुरानी पर्ची संख्या और सेंटरलाइज्ड पंजीकरण नंबर के आधार पर नई ओपीडी पर्ची तैयार हो रही है, जिससे मुख्य पर्ची काउंटर पर भीड़ कम होगी। मेडिकल कॉलेज की ओर से इस संदर्भ में नोटिस भी चस्पां कर दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1500 के लगभग ओपीडी पर्ची बनती है। आभा आईडी के माध्यम से पर्ची बनाने के दौरान कभी-कभी नेटवर्क दिक्कत देता है, जिस कारण पर्ची काउंटर भीड़ बनी रहती हैं। कई मरीज सप्ताह में कई बार मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। उन्हें पर्ची बनाने के लिए बार-बार पुरानी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिस कारण भीड़ कम नहीं होती है। अब इस समस्या का हल हो गया है। अब एक बार ओपीडी पर्ची बनाने के बाद यदि मरीज पुन: अस्पताल पहुंचता है तो उसकी ओपीडी पर्ची काउंटर नंबर 110 पर बनेगी। हालांकि मरीज को अपने साथ पुरानी पर्ची लानी होगी। उसमें अंकित पर्ची संख्या और सेंटरलाइज्ड पंजीकरण नंबर पर जल्द ही ओपीडी पर्ची निकल आएगी।
मरीज पुरानी पर्ची के आधार पर काउंटर नंबर 110 पर नई ओपीडी पर्ची बना सकते हैं। मरीज को इस दौरान अपने साथ पुरानी पर्ची लानी होगी। समय भी कम लगेगा और जल्दी स्वास्थ्य लाभ मरीजों को मिल जाएगा।
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-डॉ. रमेश भारती, प्रधानाचार्य, डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1500 के लगभग ओपीडी पर्ची बनती है। आभा आईडी के माध्यम से पर्ची बनाने के दौरान कभी-कभी नेटवर्क दिक्कत देता है, जिस कारण पर्ची काउंटर भीड़ बनी रहती हैं। कई मरीज सप्ताह में कई बार मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। उन्हें पर्ची बनाने के लिए बार-बार पुरानी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिस कारण भीड़ कम नहीं होती है। अब इस समस्या का हल हो गया है। अब एक बार ओपीडी पर्ची बनाने के बाद यदि मरीज पुन: अस्पताल पहुंचता है तो उसकी ओपीडी पर्ची काउंटर नंबर 110 पर बनेगी। हालांकि मरीज को अपने साथ पुरानी पर्ची लानी होगी। उसमें अंकित पर्ची संख्या और सेंटरलाइज्ड पंजीकरण नंबर पर जल्द ही ओपीडी पर्ची निकल आएगी।
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मरीज पुरानी पर्ची के आधार पर काउंटर नंबर 110 पर नई ओपीडी पर्ची बना सकते हैं। मरीज को इस दौरान अपने साथ पुरानी पर्ची लानी होगी। समय भी कम लगेगा और जल्दी स्वास्थ्य लाभ मरीजों को मिल जाएगा।
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-डॉ. रमेश भारती, प्रधानाचार्य, डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर