चढ़ावे का दुरूपयोग कर रहा मंदिर न्यास : महंत
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के महंत राजिंद्र गिरी ने मंदिर न्यास की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर न्यास श्रद्धालुओं के पैसे का दुरूपयोग कर रहा है। महंत ने सवाल उठाया कि मंदिर का पैसा स्थानीय बैंकों की बजाय ऊना के निजी बैंक को भेजा जा रहा है। मंदिर की संपत्ति को घाटे में बताकर लीज पर दे दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे में न्यास का कुप्रबंधन यहीं से शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि न्यास की प्रबंधन व्यवस्था ठीक नहीं है तभी न्यास की सभी प्राइवेट संस्थाएं लाभ की बजाय घाटे में बताई जा रही हैं।
न्यास में कई घोटाले उजागर हुए, लेकिन पूरी जांच करवाने की बजाय दिखावे की इंक्वायरी करवाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यास कर्मचारियों से भी भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रहा है। कई कर्मचारियों को 15 से 20 सालों से नियमित नहीं किया गया जबकि चहेते कर्मचारियों को प्रमोशन व टीए डीए दे रहे। उन्होंने सवाल किया कि मंदिर न्यास चढ़ावे के 23 करोड़ में से श्रद्धालुओं की सुविधा पर कितना खर्च कर रहा है।
अगर न्यास पांच करोड़ भी श्रद्धालुओं की सुविधा पर खर्च करे तो श्रद्धालु अपने को सुखद अनुभव करेंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में ठहरने के लिए सराएं व कमरों की कमी, शौचालयों की कमी, सड़क की मरम्मत नहीं, लंगर भवन नहीं, चढ़ावे व राशन के लेन देन को कोई कंप्यूटराइज काउंटर नहीं, कूड़ा कचरा उठाने को ठोस प्रबंधन नहीं, बंदरों से आतंक से बचाव को कोई प्रबंध नहीं आदि कई समस्याएं हैं, लेकिन न्यास के अधिकारी श्रद्धालुओं को सुविधा प्रबंध सुधारने बजाय मेलों में नियमों की आड़ में परेशान करते हैं।