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Hamirpur (Himachal) News: 109 लावारिस पशुओं का सहारा बना मंदिर न्यास
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध ने की पहल
गोशाला में बीमार गोवंश का करवा रहे उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास दियोटसिद्ध लावारिस पशुओं के लिए सहारा बना है। कलवाल में स्थित गोशाला में बीमार पशुओं का उपचार करवाने के साथ उनके लिए चारे की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि पशुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर न्यास की ओर से संचालित इस गो सदन का शिलान्यास वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल जबकि वर्ष 2016 में बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने उद्घाटन किया था।
गोशाला में मंदिर न्यास की ओर से 109 पशुओं को रखा गया है। इनकी सेवा के लिए 10 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। न्यास की ओर से पशु चिकित्सालय कलवल के सहयोग से गोशाला में बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में गोशाला में 15 गाय प्रतिदिन 80 लीटर दूध देती हैं। इन गायों को लोगों ने सड़कों पर छोड़ दिया था। मंदिर न्यास ने गायों को गोशाला में रखकर इनका उपचार करवाया और वर्तमान में इन गायों के माध्यम से गोशाला के चारे और अन्य कार्यों के लिए आय के साधन भी खुल रहे हैं। गोवंश का गोबर किसानों को सस्ते दामों पर बेचा जा रहा है ताकि किसानों को घरद्वार के नजदीक देसी खाद मिल सके। इस बारे में कलवाल पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश चौधरी, उप प्रधान संजय शर्मा ने कहा कि यह गांव सदन कलवाल पंचायत के लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी है। स्थानीय लोग गोसेवा करने के लिए भी जाते रहते हैं। कुछ लोगों ने अपनी निजी भूमि पर हरा चारा काटने के लिए अनुमति दी है। इस बारे में बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के अधिकारी संदीप चंदेल ने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार गोसदन में इन गायों का विशेष ध्यान रखा जाता है। प्रयास रहता है कि लावारिस पशुओं को सहारा देने की कोशिश की जाए।
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गोशाला में बीमार गोवंश का करवा रहे उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास दियोटसिद्ध लावारिस पशुओं के लिए सहारा बना है। कलवाल में स्थित गोशाला में बीमार पशुओं का उपचार करवाने के साथ उनके लिए चारे की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि पशुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर न्यास की ओर से संचालित इस गो सदन का शिलान्यास वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल जबकि वर्ष 2016 में बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने उद्घाटन किया था।
गोशाला में मंदिर न्यास की ओर से 109 पशुओं को रखा गया है। इनकी सेवा के लिए 10 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। न्यास की ओर से पशु चिकित्सालय कलवल के सहयोग से गोशाला में बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में गोशाला में 15 गाय प्रतिदिन 80 लीटर दूध देती हैं। इन गायों को लोगों ने सड़कों पर छोड़ दिया था। मंदिर न्यास ने गायों को गोशाला में रखकर इनका उपचार करवाया और वर्तमान में इन गायों के माध्यम से गोशाला के चारे और अन्य कार्यों के लिए आय के साधन भी खुल रहे हैं। गोवंश का गोबर किसानों को सस्ते दामों पर बेचा जा रहा है ताकि किसानों को घरद्वार के नजदीक देसी खाद मिल सके। इस बारे में कलवाल पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश चौधरी, उप प्रधान संजय शर्मा ने कहा कि यह गांव सदन कलवाल पंचायत के लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी है। स्थानीय लोग गोसेवा करने के लिए भी जाते रहते हैं। कुछ लोगों ने अपनी निजी भूमि पर हरा चारा काटने के लिए अनुमति दी है। इस बारे में बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के अधिकारी संदीप चंदेल ने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार गोसदन में इन गायों का विशेष ध्यान रखा जाता है। प्रयास रहता है कि लावारिस पशुओं को सहारा देने की कोशिश की जाए।
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