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तकनीकी विवि : नैनोमेटेरियल और क्वांटम साइंस पर व्याख्यान
Thu, 20 Feb 2025 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:52 AM IST
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तकनीकी विश्विवद्यालय हमीरपुर में नैनोमेटेरियल व क्वांटम साइंस पर व्याख्यान देते विशेषज्ञ एवं मौ
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वाधान से चल रही साप्ताहिक एफडीपी (फैक्लटी डवलपमेंट प्रोग्राम) के तीसरे दिन तीन स्त्रोत व्यक्तियों के व्याख्यान हुए।
पहले सत्र में एनआईटीटीटीआर के प्रो. पंकज शर्मा ने भारतीय विज्ञान परंपरा पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किस प्रकार भारत की वैदिक शिक्षा एवं जानकारियां आधुनिक भारत के विकास के लिए जरूरी है। वहीं, दूसरे सत्र में आईआईटी मंडी के प्रो. चंद्रशेखर यादव ने क्वांटम साइंस के विभिन्न सिद्धांतों के बारे में बताया और क्वांटम जगत में चल रही विभिन्न आधुनिक शोध के बारे में जानकारी दी।
तीसरे स्त्रोत व्यक्ति एनआईटीटीटीआर के डॉ. अशोक कुमार ने नैनोमेटेरियल के मूल अर्थ एवं उन्हें बनाने की विभिन्न विधियों का वर्णन किया। उन्होंने नैनोमेटेरियल की कई प्रकार की संश्लेषण विधियों पर भी प्रकाश डाला। एफडीपी के संयोजक डॉ. जेपी शर्मा ने सभी सत्रों में स्त्रोत व्यक्तियों का स्वागत किया और एफडीपी के बारे में जानकारी रखी।
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पहले सत्र में एनआईटीटीटीआर के प्रो. पंकज शर्मा ने भारतीय विज्ञान परंपरा पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किस प्रकार भारत की वैदिक शिक्षा एवं जानकारियां आधुनिक भारत के विकास के लिए जरूरी है। वहीं, दूसरे सत्र में आईआईटी मंडी के प्रो. चंद्रशेखर यादव ने क्वांटम साइंस के विभिन्न सिद्धांतों के बारे में बताया और क्वांटम जगत में चल रही विभिन्न आधुनिक शोध के बारे में जानकारी दी।
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तीसरे स्त्रोत व्यक्ति एनआईटीटीटीआर के डॉ. अशोक कुमार ने नैनोमेटेरियल के मूल अर्थ एवं उन्हें बनाने की विभिन्न विधियों का वर्णन किया। उन्होंने नैनोमेटेरियल की कई प्रकार की संश्लेषण विधियों पर भी प्रकाश डाला। एफडीपी के संयोजक डॉ. जेपी शर्मा ने सभी सत्रों में स्त्रोत व्यक्तियों का स्वागत किया और एफडीपी के बारे में जानकारी रखी।
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