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Hamirpur (Himachal) News: तकनीकी दिक्कत अब होगी हल, पशुगणना एप का फाइनल वर्जन तैयार
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25 को पशुपालन मंत्री करेंगे एप का फाइनल वर्जन लांच, गणना कार्य में होगी तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पशुगणना के लिए इस्तेमाल होने वाली एप में तकनीकी दिक्कत का समाधान हो गया है। अब पशुगणना कर रहे कर्मियों को डाटा ऑनलाइन अपलोड करने में परेशानी नहीं होगी। पशुगणना के लिए जिस एप का प्रयोग किया जा रहा है, उसका फाइनल वर्जन तैयार हो गया है। केंद्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह दिल्ली में 25 अक्तूबर को अंतिम वर्जन को लांच कर रहे हैं। कार्यक्रम में हर जिला से पशुगणना के लिए नियुक्त एक नोडल ऑफिसर शामिल होंगे।
अंतिम वर्जन के लांच होते ही तकनीकी बाधाएं दूर होंगी और पशुगणना कार्य में तेजी आएगी। प्रदेश में पशुगणना कार्य को सितंबर महीने में आरंभ तो कर दिया था लेकिन मोबाइल एप में तकनीकी दिक्कत से पशुगणना का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा था। टेस्टिंग के लिए एप के जिस वर्जन का प्रयोग किया गया था, उसका अपडेट वर्जन नहीं आया था। जिस कारण कई दिनों तक कार्य ही आरंभ नहीं हो सका। इस बार पशुगणना के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। पशुगणना में गाय, भैंस, गधे सहित अन्य पशुओं की गणना की जा रही है। पशु गणना कार्य में वेटरनरी फार्मासिस्ट, वरिष्ठ वेटरनरी ऑफिसर, नॉडल ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। पशुगणना में जुटने वाले कर्मियों को एप में पशुओं की श्रेणी के अनुसार उनकी संख्या सहित अन्य जानकारियों की एंट्री करनी हैं। एप को जीपीएस सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इससे गणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। वहीं, पूरी गणना की विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जानी हैं। पशुगणना के कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 2019 में 20वीं पशुगणना हुई थी। पशुपालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक परियोजना सतीश वर्मा ने कहा कि पशुगणना के लिए जिस एप का इस्तेमाल हो रहा है, उसका फाइनल वर्जन बन गया है। पशुपालन मंत्री 25 अक्तूबर को दिल्ली में फाइनल वर्जन को लांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुगणना में आ रही सभी तकनीकी दिक्कतों समाप्त होंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पशुगणना के लिए इस्तेमाल होने वाली एप में तकनीकी दिक्कत का समाधान हो गया है। अब पशुगणना कर रहे कर्मियों को डाटा ऑनलाइन अपलोड करने में परेशानी नहीं होगी। पशुगणना के लिए जिस एप का प्रयोग किया जा रहा है, उसका फाइनल वर्जन तैयार हो गया है। केंद्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह दिल्ली में 25 अक्तूबर को अंतिम वर्जन को लांच कर रहे हैं। कार्यक्रम में हर जिला से पशुगणना के लिए नियुक्त एक नोडल ऑफिसर शामिल होंगे।
अंतिम वर्जन के लांच होते ही तकनीकी बाधाएं दूर होंगी और पशुगणना कार्य में तेजी आएगी। प्रदेश में पशुगणना कार्य को सितंबर महीने में आरंभ तो कर दिया था लेकिन मोबाइल एप में तकनीकी दिक्कत से पशुगणना का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा था। टेस्टिंग के लिए एप के जिस वर्जन का प्रयोग किया गया था, उसका अपडेट वर्जन नहीं आया था। जिस कारण कई दिनों तक कार्य ही आरंभ नहीं हो सका। इस बार पशुगणना के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। पशुगणना में गाय, भैंस, गधे सहित अन्य पशुओं की गणना की जा रही है। पशु गणना कार्य में वेटरनरी फार्मासिस्ट, वरिष्ठ वेटरनरी ऑफिसर, नॉडल ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। पशुगणना में जुटने वाले कर्मियों को एप में पशुओं की श्रेणी के अनुसार उनकी संख्या सहित अन्य जानकारियों की एंट्री करनी हैं। एप को जीपीएस सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इससे गणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। वहीं, पूरी गणना की विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जानी हैं। पशुगणना के कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 2019 में 20वीं पशुगणना हुई थी। पशुपालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक परियोजना सतीश वर्मा ने कहा कि पशुगणना के लिए जिस एप का इस्तेमाल हो रहा है, उसका फाइनल वर्जन बन गया है। पशुपालन मंत्री 25 अक्तूबर को दिल्ली में फाइनल वर्जन को लांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुगणना में आ रही सभी तकनीकी दिक्कतों समाप्त होंगी।
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