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Hamirpur (Himachal) News: घर में पुलिस की दबिश के 15 मिनट बाद मालिक की संदिग्ध मौत, ग्रामीणों ने किया हंगामा
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परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा बिना सर्च वारंट पुलिस ने ली तलाशी
पड़ोसी की बिना लाइसेंस हथियार रखने की शिकायत पर पुलिस ने की थी कार्रवाई
घर से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ, झूठी शिकायत पर पुलिस ने पड़ोसी को हिरासत में लिया
मामले में शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर तक ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, माहौल रहा तनावपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगू/नादौन (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र नादौन के तहत तेलकड़ गांव में पुलिस की दबिश के 15 मिनट के बाद घर के मालिक रघुवीर (50) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। यह घटना शुक्रवार रात 9.15 बजे की है। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर दो बजे तक हंगामा किया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इससे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। एसडीएम नादौन अपराजिता चंदेल और पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल कुछ हद शांत हुआ। इसके बाद व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ले जाया जा सका।
जानकारी के मुताबिक पुलिस रघुवीर सिंह के खिलाफ घर में बिना लाइसेंस बंदूक रखने की शिकायत मिलने पर शुक्रवार शाम को सात बजे के करीब तलकेड़ गांव में पहुंची थी। रघुवीर के पड़ोसी बाबू राम ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रघुवीर ने घर में बंदूक रखी है, जिससे उसे जान का खतरा है। बाबूराम की शिकायत पर पुलिस ने दो घंटे तक रघुवीर सिंह के घर में जांच की। इस दौरान कोई बंदूक अथवा हथियार बरामद नहीं हुआ। पुलिस टीम नौ बजे के करीब जांच करके मौके से लौट गई। इसके 15 मिनट के बाद व्यक्ति की अचानक मौत हो गई। हालांकि, परिजनों का यह कहना है कि रघुवीर सिंह ने आत्महत्या की है। मौत की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार रात को साढ़े बारह बजे फिर पुलिस रघुवीर सिंह के घर पर पहुंची, लेकिन यहां पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस टीम मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया और इससे पहले शिकायतकर्ता बाबूराम को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। रातभर यहां पर खूब हंगामा हुआ। पुलिस के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने खूब नारेबाजी भी की। परिजनों का आरोप है कि शिकायतकर्ता बाबूराम इससे पूर्व भी लगातार रघुवीर सिंह के खिलाफ झूठी शिकायतें करके उसे मानसिक तौर पर परेशान करता आ रहा था। इससे वह पहले ही काफी आहत था और मानसिक दबाव में था। शुक्रवार रात से ही परिजन और ग्रामीण मांग कर रहे थे कि बाबूराम को उनके समक्ष लाया जाए तथा पुलिस पर भी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि रघुवीर काफी सीधा-साधा व्यक्ति था और गांव में किसी के साथ भी उसका कोई झगड़ा नहीं है। जबकि, शिकायतकर्ता बाबूराम झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है। शनिवार को भी दोपहर बाद तक पुलिस के लाख समझाने के बाद भी ग्रामीण टस से मस नहीं हुए और पुलिस को मृतक का शव घर से ले जाने नहीं दिया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचीं एसडीएम अपराजिता चंदेल के आश्वासन पर उन्होंने शव को पुलिस के हवाले किया। दो बजे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। रघुवीर अपने पीछे वृद्ध माता, पत्नी तथा दो बेटे छोड़ गया है। इस संबंध में मौके पर पहुंचे डीएसपी नितिन चौहान ने बताया कि शिकायतकर्ता आरोपी बाबूराम को हिरासत में ले लिया गया है तथा उसके झूठी शिकायत दर्ज करवाने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने या बाध्य करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बाबूराम ने अपनी शिकायत में बार-बार रघुवीर के पास अवैध हथियार होने की बात कही है और गोली चलाने की आशंका भी व्यक्त की थी। इसके आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत प्रधान सरिता देवी की उपस्थिति में घर में जांच की गई थी।
परिजन बोले, यह मौत नहीं बल्कि आत्महत्या
मृतक के भाई करनैल सिंह ने बताया कि उनके भाई के घर पर पुलिस ने बिना सर्च वारंट के दबिश दी है। पुलिस को भाई के घर से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता इससे पहले भी इस तरह की झूठी शिकायत कर चुका है। पुलिस की दबिश से आहत होकर ही रघुवीर सिंह ने आत्महत्या की है। मृतक के भतीजे अनिल कुमार ने कहा कि बाबूराम पहले भी कई बार झूठी शिकायतें पुलिस थाने में करवा चुका है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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पड़ोसी की बिना लाइसेंस हथियार रखने की शिकायत पर पुलिस ने की थी कार्रवाई
घर से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ, झूठी शिकायत पर पुलिस ने पड़ोसी को हिरासत में लिया
मामले में शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर तक ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, माहौल रहा तनावपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगू/नादौन (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र नादौन के तहत तेलकड़ गांव में पुलिस की दबिश के 15 मिनट के बाद घर के मालिक रघुवीर (50) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। यह घटना शुक्रवार रात 9.15 बजे की है। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर दो बजे तक हंगामा किया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इससे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। एसडीएम नादौन अपराजिता चंदेल और पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल कुछ हद शांत हुआ। इसके बाद व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ले जाया जा सका।
जानकारी के मुताबिक पुलिस रघुवीर सिंह के खिलाफ घर में बिना लाइसेंस बंदूक रखने की शिकायत मिलने पर शुक्रवार शाम को सात बजे के करीब तलकेड़ गांव में पहुंची थी। रघुवीर के पड़ोसी बाबू राम ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रघुवीर ने घर में बंदूक रखी है, जिससे उसे जान का खतरा है। बाबूराम की शिकायत पर पुलिस ने दो घंटे तक रघुवीर सिंह के घर में जांच की। इस दौरान कोई बंदूक अथवा हथियार बरामद नहीं हुआ। पुलिस टीम नौ बजे के करीब जांच करके मौके से लौट गई। इसके 15 मिनट के बाद व्यक्ति की अचानक मौत हो गई। हालांकि, परिजनों का यह कहना है कि रघुवीर सिंह ने आत्महत्या की है। मौत की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार रात को साढ़े बारह बजे फिर पुलिस रघुवीर सिंह के घर पर पहुंची, लेकिन यहां पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस टीम मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया और इससे पहले शिकायतकर्ता बाबूराम को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। रातभर यहां पर खूब हंगामा हुआ। पुलिस के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने खूब नारेबाजी भी की। परिजनों का आरोप है कि शिकायतकर्ता बाबूराम इससे पूर्व भी लगातार रघुवीर सिंह के खिलाफ झूठी शिकायतें करके उसे मानसिक तौर पर परेशान करता आ रहा था। इससे वह पहले ही काफी आहत था और मानसिक दबाव में था। शुक्रवार रात से ही परिजन और ग्रामीण मांग कर रहे थे कि बाबूराम को उनके समक्ष लाया जाए तथा पुलिस पर भी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि रघुवीर काफी सीधा-साधा व्यक्ति था और गांव में किसी के साथ भी उसका कोई झगड़ा नहीं है। जबकि, शिकायतकर्ता बाबूराम झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है। शनिवार को भी दोपहर बाद तक पुलिस के लाख समझाने के बाद भी ग्रामीण टस से मस नहीं हुए और पुलिस को मृतक का शव घर से ले जाने नहीं दिया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचीं एसडीएम अपराजिता चंदेल के आश्वासन पर उन्होंने शव को पुलिस के हवाले किया। दो बजे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। रघुवीर अपने पीछे वृद्ध माता, पत्नी तथा दो बेटे छोड़ गया है। इस संबंध में मौके पर पहुंचे डीएसपी नितिन चौहान ने बताया कि शिकायतकर्ता आरोपी बाबूराम को हिरासत में ले लिया गया है तथा उसके झूठी शिकायत दर्ज करवाने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने या बाध्य करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बाबूराम ने अपनी शिकायत में बार-बार रघुवीर के पास अवैध हथियार होने की बात कही है और गोली चलाने की आशंका भी व्यक्त की थी। इसके आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत प्रधान सरिता देवी की उपस्थिति में घर में जांच की गई थी।
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परिजन बोले, यह मौत नहीं बल्कि आत्महत्या
मृतक के भाई करनैल सिंह ने बताया कि उनके भाई के घर पर पुलिस ने बिना सर्च वारंट के दबिश दी है। पुलिस को भाई के घर से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता इससे पहले भी इस तरह की झूठी शिकायत कर चुका है। पुलिस की दबिश से आहत होकर ही रघुवीर सिंह ने आत्महत्या की है। मृतक के भतीजे अनिल कुमार ने कहा कि बाबूराम पहले भी कई बार झूठी शिकायतें पुलिस थाने में करवा चुका है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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