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89 फीसदी छात्रों ने दी विज्ञान विषय की वार्षिक परीक्षा
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जिले भर के स्कूलों में आठवीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू हो गईं। पहले दिन विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद विद्यार्थियों को परीक्षा हाल में प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों का जायजा संवाददाता ने लिया है। पेश है लाइव रिपोर्ट:-
हमीरपुर। स्थान : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कन्या हमीरपुर। दिन: बुधवार। समय सुबह के नौ बजकर 25 मिनट। स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र पहुंचना शुरू हो गए हैं। गेट पर छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाए गए। पहले दिन विज्ञान विषय की परीक्षा हुई।
नौ बजकर 30 मिनट। आठवीं कक्षा की लगभग सभी छात्राएं परीक्षा हाल में पहुंच चुकी हैं। स्कूल में आठवीं कक्षा की 53 छात्राएं परीक्षा देने बैठी हैं। दो छात्राएं परीक्षा देने नहीं पहुंची हैं। परीक्षा हाल में उपस्थित छात्राओं को कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अलग-अलग बेंच पर बैठाया गया।
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परीक्षा हाल में अध्यापक सभी विद्यार्थियों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। सभी छात्राओं और उपस्थित अध्यापकों ने मास्क लगाए हैं। नौ बजकर 45 मिनट हो रहे हैं। अध्यापक एक-एक करके सभी छात्राओं को प्रश्नपत्र बांट रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र मिल चुके हैं। छात्रों ने पेपर को पढ़ना शुरू कर दिया है। ठीक दस बजे घंटी बजती है और छात्राओं की परीक्षा शुरू हो जाती है। दोपहर के 1 बज रहे है सभी छात्राएं परीक्षा देकर परीक्षा हाल से बाहर आ रही हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में 48 में 47 छात्र उपस्थित रहे। बाहरी राज्य का एक छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहा।
दो साल बाद ऑफलाइन हो रही परीक्षाएं : गौतम
प्रधानाचार्य विजय गौतम ने कहा कि दो वर्ष बाद छात्रों की ऑफलाइन परीक्षाएं हो रही हैं। आनलाइन कक्षाओं में बच्चे गहनता से तथ्यों को ग्रहण नहीं कर पाए हैं। स्कूल खुलने के बाद अब बच्चों को पाठ्यक्रम का रिवीजन करवाया है। कोरोना नियमों में ध्यान में रखकर छात्रों से प्रत्येक गतिविधि करवाई जा रही है।
दो साल बंद रहे स्कूल : कृतिका
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कन्या की छात्रा कृतिका शर्मा ने कहा कि दो साल घर पर रहकर पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो पाई। कुछ माह पहले स्कूल खुले थे, इसमें शेष बचे पाठ्यक्रम का रिवीजन ही कर पाए।
ऑफ लाइन कक्षाओं का हुआ फायदा : कुसुम
आठवीं कक्षा की छात्रा कुसुम ने कहा कि घर पर पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। मोबाइल से पढ़ाई करने में आधे विषय समझ नहीं आते, स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों से संवाद काफी सवालों को हल करने में मदद मिलती है। आज परीक्षा में भी इसका फायदा हुआ।
परीक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : ईशिता
छात्रा ईशिता भारद्वाज ने कहा कि परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्कूल भी थोड़े समय पहले ही खुले हैं। अब परीक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत है। पढ़ाई पर ध्यान देना बहुत जरूरी।
अध्यापकों का मिला सहयोग : सुमित
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बाल हमीरपुर के छात्र सुमित ने कहा कि कि स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों का भरपूर सहयोग मिला। अब परीक्षाएं अच्छे से दे सकते हैं।
कम समय में करवाया पाठ्यक्रम पूरा : विकास
आठवीं कक्षा के छात्र विकास ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद बचे हुए पाठ्यक्रम को अध्यापकों ने परीक्षाओं के शुरू होने से पूर्व पूरा करवा लिया। इससे परीक्षा में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
कोरोना के चलते हुई पढ़ाई प्रभावित : रवि
छात्र रवि ने कहा कि कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई करीब दो साल बाद हमारे अॅाफलाइन पेपर हो रहे हैं। इसमें हमें ज्यादा जानकारी हासिल होती है। अब सभी को पता चल गया है कि कोरोना के साथ जीना है।
जुकाम बुखार वाले छात्रों
को अलग बैठाने के निर्देश
शिमला। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान मेें रखते हुए जिलाभर के स्कूल एक सप्ताह पूर्व ही सैनिटाइजेशन का कार्य करवा दिया था। जिलाभर में आठवीं कक्षा में 4146 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें वार्षिक परीक्षा के पहले दिन केवल 3687 छात्र ही परीक्षा देने पहुंचे, शेष छात्र अनुपस्थित रहे। कुल 89 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।
ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए पहले से ही सभी स्कूलों को एसओपी जारी कर दी है। सभी स्कूलों में संख्या के अनुसार सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छात्रों को परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में छात्रों, अध्यापकों का मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षणों वाले विद्यार्थियों को अन्य विद्यार्थियों से अलग बैठाया जाएगा। परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले छात्रों को स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
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हमीरपुर। स्थान : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कन्या हमीरपुर। दिन: बुधवार। समय सुबह के नौ बजकर 25 मिनट। स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र पहुंचना शुरू हो गए हैं। गेट पर छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाए गए। पहले दिन विज्ञान विषय की परीक्षा हुई।
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नौ बजकर 30 मिनट। आठवीं कक्षा की लगभग सभी छात्राएं परीक्षा हाल में पहुंच चुकी हैं। स्कूल में आठवीं कक्षा की 53 छात्राएं परीक्षा देने बैठी हैं। दो छात्राएं परीक्षा देने नहीं पहुंची हैं। परीक्षा हाल में उपस्थित छात्राओं को कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अलग-अलग बेंच पर बैठाया गया।
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परीक्षा हाल में अध्यापक सभी विद्यार्थियों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। सभी छात्राओं और उपस्थित अध्यापकों ने मास्क लगाए हैं। नौ बजकर 45 मिनट हो रहे हैं। अध्यापक एक-एक करके सभी छात्राओं को प्रश्नपत्र बांट रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र मिल चुके हैं। छात्रों ने पेपर को पढ़ना शुरू कर दिया है। ठीक दस बजे घंटी बजती है और छात्राओं की परीक्षा शुरू हो जाती है। दोपहर के 1 बज रहे है सभी छात्राएं परीक्षा देकर परीक्षा हाल से बाहर आ रही हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में 48 में 47 छात्र उपस्थित रहे। बाहरी राज्य का एक छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहा।
दो साल बाद ऑफलाइन हो रही परीक्षाएं : गौतम
प्रधानाचार्य विजय गौतम ने कहा कि दो वर्ष बाद छात्रों की ऑफलाइन परीक्षाएं हो रही हैं। आनलाइन कक्षाओं में बच्चे गहनता से तथ्यों को ग्रहण नहीं कर पाए हैं। स्कूल खुलने के बाद अब बच्चों को पाठ्यक्रम का रिवीजन करवाया है। कोरोना नियमों में ध्यान में रखकर छात्रों से प्रत्येक गतिविधि करवाई जा रही है।
दो साल बंद रहे स्कूल : कृतिका
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कन्या की छात्रा कृतिका शर्मा ने कहा कि दो साल घर पर रहकर पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो पाई। कुछ माह पहले स्कूल खुले थे, इसमें शेष बचे पाठ्यक्रम का रिवीजन ही कर पाए।
ऑफ लाइन कक्षाओं का हुआ फायदा : कुसुम
आठवीं कक्षा की छात्रा कुसुम ने कहा कि घर पर पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। मोबाइल से पढ़ाई करने में आधे विषय समझ नहीं आते, स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों से संवाद काफी सवालों को हल करने में मदद मिलती है। आज परीक्षा में भी इसका फायदा हुआ।
परीक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत : ईशिता
छात्रा ईशिता भारद्वाज ने कहा कि परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्कूल भी थोड़े समय पहले ही खुले हैं। अब परीक्षाओं में ज्यादा मेहनत की जरूरत है। पढ़ाई पर ध्यान देना बहुत जरूरी।
अध्यापकों का मिला सहयोग : सुमित
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बाल हमीरपुर के छात्र सुमित ने कहा कि कि स्कूल खुलने के बाद अध्यापकों का भरपूर सहयोग मिला। अब परीक्षाएं अच्छे से दे सकते हैं।
कम समय में करवाया पाठ्यक्रम पूरा : विकास
आठवीं कक्षा के छात्र विकास ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद बचे हुए पाठ्यक्रम को अध्यापकों ने परीक्षाओं के शुरू होने से पूर्व पूरा करवा लिया। इससे परीक्षा में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
कोरोना के चलते हुई पढ़ाई प्रभावित : रवि
छात्र रवि ने कहा कि कोरोना के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई करीब दो साल बाद हमारे अॅाफलाइन पेपर हो रहे हैं। इसमें हमें ज्यादा जानकारी हासिल होती है। अब सभी को पता चल गया है कि कोरोना के साथ जीना है।
जुकाम बुखार वाले छात्रों
को अलग बैठाने के निर्देश
शिमला। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान मेें रखते हुए जिलाभर के स्कूल एक सप्ताह पूर्व ही सैनिटाइजेशन का कार्य करवा दिया था। जिलाभर में आठवीं कक्षा में 4146 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें वार्षिक परीक्षा के पहले दिन केवल 3687 छात्र ही परीक्षा देने पहुंचे, शेष छात्र अनुपस्थित रहे। कुल 89 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।
ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए पहले से ही सभी स्कूलों को एसओपी जारी कर दी है। सभी स्कूलों में संख्या के अनुसार सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छात्रों को परीक्षा में बैठाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में छात्रों, अध्यापकों का मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षणों वाले विद्यार्थियों को अन्य विद्यार्थियों से अलग बैठाया जाएगा। परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले छात्रों को स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए हैं।