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Hamirpur (Himachal) News: ब्याड़ स्कूल के छात्रों ने बनाया स्मार्ट फार्मिंग मॉडल, नमी घटते ही शुरू होगी सिंचाई
Sat, 24 Oct 2026 01:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:42 AM IST
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ब्याड़ स्कूल के छात्र व अध्यापक मेगा स्मार्ट फार्मिंग सिस्टम मॉडल के साथ। संवाद
हमीरपुर। मिट्टी में नमी कम होते ही सिंचाई अपने आप शुरू हो जाएगी और जमीन में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी के आधार पर उपयुक्त फसल चुनने में भी मदद मिलेगी। खेती को आसान और आधुनिक बनाने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्याड़ के बारहवीं कक्षा के छात्र अक्षय कुमार और आदित्य शर्मा ने मेगा स्मार्ट फार्मिंग सिस्टम मॉडल तैयार किया है।
इस मॉडल में छह सेंसर लगाए गए हैं, जो मिट्टी की नमी, तापमान, बारिश और पोषक तत्वों से संबंधित जानकारी देने के साथ खेत की निगरानी करेंगे। इसकी खासियत यह है कि किसान को मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट मिलेगा।
इसके अलावा, जानवरों की हलचल होने पर अलार्म बजाने और रात में जरूरत के अनुसार लाइट चालू करने की सुविधाएं भी दी गई हैं। मॉडल में लगा सॉयल मॉइस्चर सेंसर मिट्टी की नमी की जांच करेगा।
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नमी कम होने पर यह स्वचालित पंप को संकेत देगा, जिससे सिंचाई शुरू हो जाएगी। इससे फसलों को समय पर पानी देने और पानी की बर्बादी कम करने में मदद मिलेगी।
सिस्टम में आरडीनो मुख्य नियंत्रक के रूप में काम करेगा। यह सेंसरों से प्राप्त डेटा एकत्रित कर लैपटॉप और मोबाइल फोन तक पहुंचाएगा। किसान फोन या लैपटॉप के माध्यम से मॉडल को संचालित भी कर सकेंगे।
बाक्स
सेंसर से खेती में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
रेन डिटेक्टर सेंसर बारिश का पता लगाकर खेत में पानी की स्थिति की जानकारी देगा। अल्ट्रासोनिक सेंसर खेत में किसी जानवर या व्यक्ति की हलचल पहचानकर अलार्म बजाएगा। एलडीआर सेंसर रात में रोशनी के स्तर में बदलाव के आधार पर खेत की लाइट अपने आप चालू करने में मदद करेगा। तापमान और आर्द्रता सेंसर आसपास के तापमान और वातावरण में नमी की जानकारी देगा। मिनरल सेंसर मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता समझने और उसके अनुकूल फसल चुनने में मदद मिलेगी। वहीं, सॉयल मॉइस्चर सेंसर मिट्टी में नमी की निगरानी कर जरूरत पड़ने पर सिंचाई शुरू करवाएगा।
कोट
विद्यार्थियों ने तकनीक के माध्यम से खेती को आसान बनाने का प्रयास किया है। उनको इस नवाचार के आधार पर जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला है। -सुनील दत्त, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्याड़
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इस मॉडल में छह सेंसर लगाए गए हैं, जो मिट्टी की नमी, तापमान, बारिश और पोषक तत्वों से संबंधित जानकारी देने के साथ खेत की निगरानी करेंगे। इसकी खासियत यह है कि किसान को मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट मिलेगा।
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इसके अलावा, जानवरों की हलचल होने पर अलार्म बजाने और रात में जरूरत के अनुसार लाइट चालू करने की सुविधाएं भी दी गई हैं। मॉडल में लगा सॉयल मॉइस्चर सेंसर मिट्टी की नमी की जांच करेगा।
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नमी कम होने पर यह स्वचालित पंप को संकेत देगा, जिससे सिंचाई शुरू हो जाएगी। इससे फसलों को समय पर पानी देने और पानी की बर्बादी कम करने में मदद मिलेगी।
सिस्टम में आरडीनो मुख्य नियंत्रक के रूप में काम करेगा। यह सेंसरों से प्राप्त डेटा एकत्रित कर लैपटॉप और मोबाइल फोन तक पहुंचाएगा। किसान फोन या लैपटॉप के माध्यम से मॉडल को संचालित भी कर सकेंगे।
बाक्स
सेंसर से खेती में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
रेन डिटेक्टर सेंसर बारिश का पता लगाकर खेत में पानी की स्थिति की जानकारी देगा। अल्ट्रासोनिक सेंसर खेत में किसी जानवर या व्यक्ति की हलचल पहचानकर अलार्म बजाएगा। एलडीआर सेंसर रात में रोशनी के स्तर में बदलाव के आधार पर खेत की लाइट अपने आप चालू करने में मदद करेगा। तापमान और आर्द्रता सेंसर आसपास के तापमान और वातावरण में नमी की जानकारी देगा। मिनरल सेंसर मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता समझने और उसके अनुकूल फसल चुनने में मदद मिलेगी। वहीं, सॉयल मॉइस्चर सेंसर मिट्टी में नमी की निगरानी कर जरूरत पड़ने पर सिंचाई शुरू करवाएगा।
कोट
विद्यार्थियों ने तकनीक के माध्यम से खेती को आसान बनाने का प्रयास किया है। उनको इस नवाचार के आधार पर जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला है। -सुनील दत्त, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्याड़