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जनता को गुमराह करना बंद करें सुक्खू : राकेश
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हमीरपुर। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के बजट को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से कॉलेज पर खर्च 470 करोड़ रुपये और आवंटित 240 करोड़ रुपये का मदवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। ठाकुर ने कहा कि स्वीकृत राशि, जारी बजट और वास्तविक खर्च अलग-अलग श्रेणियां हैं।
राकेश ठाकुर ने बताया, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय को चार मार्च 2014 को मंजूरी मिली थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार, परियोजना की स्वीकृत लागत 189 करोड़ रुपये थी, जिसमें केंद्र का हिस्सा 170.10 करोड़ रुपये और प्रदेश का अंश 18.90 करोड़ रुपये था। केंद्रीय अंशदान 170.10 करोड़ रुपये अगस्त 2016 और अगस्त 2021 के संसदीय दस्तावेज में दर्ज है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के 2024 में 240 करोड़ रुपये वितरित करने और जनवरी 2025 तक परियोजना पर 470 करोड़ रुपये खर्च होने के बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सरकार से इन आंकड़ों में शामिल निर्माण कार्यों और वित्तीय मदों को सार्वजनिक करने की मांग की। आर्थिक सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया कि 2024-25 के सर्वेक्षण में जोलसप्पड़ परिसर निर्माण के लिए 375 करोड़ रुपये जारी हुए, जबकि 2025-26 में कुल परिव्यय 376.30 करोड़ रुपये बताया गया। राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री से केंद्र और प्रदेश के अंशदान, जारी राशि और वास्तविक खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
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राकेश ठाकुर ने बताया, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय को चार मार्च 2014 को मंजूरी मिली थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार, परियोजना की स्वीकृत लागत 189 करोड़ रुपये थी, जिसमें केंद्र का हिस्सा 170.10 करोड़ रुपये और प्रदेश का अंश 18.90 करोड़ रुपये था। केंद्रीय अंशदान 170.10 करोड़ रुपये अगस्त 2016 और अगस्त 2021 के संसदीय दस्तावेज में दर्ज है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के 2024 में 240 करोड़ रुपये वितरित करने और जनवरी 2025 तक परियोजना पर 470 करोड़ रुपये खर्च होने के बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सरकार से इन आंकड़ों में शामिल निर्माण कार्यों और वित्तीय मदों को सार्वजनिक करने की मांग की। आर्थिक सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया कि 2024-25 के सर्वेक्षण में जोलसप्पड़ परिसर निर्माण के लिए 375 करोड़ रुपये जारी हुए, जबकि 2025-26 में कुल परिव्यय 376.30 करोड़ रुपये बताया गया। राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री से केंद्र और प्रदेश के अंशदान, जारी राशि और वास्तविक खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
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