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Hamirpur (Himachal) News: कचरे की समस्या के समाधान को खरीदी श्रेडर मशीन बंद कमरे में तोड़ रही दम
Sat, 09 Nov 2024 01:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 09 Nov 2024 01:02 AM IST
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मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर(हमीरपुर)। चार पंचायतों में बंटे मैहरे बाजार में कचरे की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। बाजार में कचरे का निष्पादन कराने के लिए वर्षों पूर्व खरीदी प्लास्टिक श्रेडर मशीन खुद बंद कमरे में दम तोड़ रही है।
पंचायत की ओर से इस मशीन की खरीददारी इसलिए की गई थी, ताकि बाजार में एकत्रित होने वाले कचरे का निष्पादन करने में सहायता हो सके और मशीन से काटे गए प्लास्टिक का निजी उद्योगों में प्रयोग हो सके। हालांकि, वर्षों बाद भी मशीन को लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि जगह चिन्हित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में बंद कमरे में पड़ी मशीन कचरे का निष्पादन करने की बजाय खुद दम तोड़ रही है।
शहरवासियों रजनीश, सुरेश, शमी, राजवीर, सोमेश, विकी, अमिता, रुद्राक्ष, जस्वीर आदि ने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन एसडीएम बड़सर शशिपाल शर्मा ने कूड़ा निष्पादन के लिए उचित व्यवस्था करने की कोशिश की थी और बड़सर के गलू नामक जगह के पास कूड़ा निष्पादन के लिए पांच लाख रुपये की लागत से एक शेड का निर्माण करवाया था, ताकि कचरे का सही निपटारण हो सके। इसी बीच बड़सर पंचायत को साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग ओर से एक कूड़ा निष्पादन मशीन दी गई थी, ताकि प्लास्टिक कूड़े का निपटारा किया जा सके, लेकिन आजतक यह मशीन केवल धूल फांक रही है। मशीन को स्थापित करने का कार्य आज दिन तक नहीं हो पाया है। ऐसे में बाजार में कचरे की समस्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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कोट:
बाजार में कचरे के निष्पादन के लिए आजतक कुछ नहीं किया जा सका है। बाजार कमेटी द्वारा एक गाड़ी रखी गई है, जो कूड़ा इकट्ठा कर ऊना ले जाती है, लेकिन बाजार में गाड़ी का आना नियमित नहीं है।
पारस राम, निवासी बड़सर
बड़सर मुख्यालय का मैहरे बाजार चार पंचायतों में बंटा हुआ है। इस कारण कोई भी पंचायत सरदर्दी लेने को तैयार नहीं है। मैहरे कस्बे के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
नरेंद्र कुमार, दुकानदार
कूड़े की समस्या अब दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, क्योंकि लगातार मैहरे कस्बे में लोगों की रिहाइश और दुकानें बढ़ रही हैं और इस कारण दैनिक कूड़े में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कचरे के निष्पादन को लेकर उचित कदम उठाएं जाने चाहिएं।
जगदीश चंद शर्मा, निवासी बड़सर
बाजार में कचरे की समस्या माहमारी का रूप ले सकती है। बाजार में फैली गंदगी में दिनभर आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ गया है। प्रशासन को कचरे का निपटारण करने के लिए कार्य करवाना चाहिए।
बिशन दास सोनी, चिकित्सक
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बड़सर(हमीरपुर)। चार पंचायतों में बंटे मैहरे बाजार में कचरे की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। बाजार में कचरे का निष्पादन कराने के लिए वर्षों पूर्व खरीदी प्लास्टिक श्रेडर मशीन खुद बंद कमरे में दम तोड़ रही है।
पंचायत की ओर से इस मशीन की खरीददारी इसलिए की गई थी, ताकि बाजार में एकत्रित होने वाले कचरे का निष्पादन करने में सहायता हो सके और मशीन से काटे गए प्लास्टिक का निजी उद्योगों में प्रयोग हो सके। हालांकि, वर्षों बाद भी मशीन को लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि जगह चिन्हित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में बंद कमरे में पड़ी मशीन कचरे का निष्पादन करने की बजाय खुद दम तोड़ रही है।
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शहरवासियों रजनीश, सुरेश, शमी, राजवीर, सोमेश, विकी, अमिता, रुद्राक्ष, जस्वीर आदि ने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन एसडीएम बड़सर शशिपाल शर्मा ने कूड़ा निष्पादन के लिए उचित व्यवस्था करने की कोशिश की थी और बड़सर के गलू नामक जगह के पास कूड़ा निष्पादन के लिए पांच लाख रुपये की लागत से एक शेड का निर्माण करवाया था, ताकि कचरे का सही निपटारण हो सके। इसी बीच बड़सर पंचायत को साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग ओर से एक कूड़ा निष्पादन मशीन दी गई थी, ताकि प्लास्टिक कूड़े का निपटारा किया जा सके, लेकिन आजतक यह मशीन केवल धूल फांक रही है। मशीन को स्थापित करने का कार्य आज दिन तक नहीं हो पाया है। ऐसे में बाजार में कचरे की समस्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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कोट:
बाजार में कचरे के निष्पादन के लिए आजतक कुछ नहीं किया जा सका है। बाजार कमेटी द्वारा एक गाड़ी रखी गई है, जो कूड़ा इकट्ठा कर ऊना ले जाती है, लेकिन बाजार में गाड़ी का आना नियमित नहीं है।
पारस राम, निवासी बड़सर
बड़सर मुख्यालय का मैहरे बाजार चार पंचायतों में बंटा हुआ है। इस कारण कोई भी पंचायत सरदर्दी लेने को तैयार नहीं है। मैहरे कस्बे के आसपास जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
नरेंद्र कुमार, दुकानदार
कूड़े की समस्या अब दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, क्योंकि लगातार मैहरे कस्बे में लोगों की रिहाइश और दुकानें बढ़ रही हैं और इस कारण दैनिक कूड़े में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कचरे के निष्पादन को लेकर उचित कदम उठाएं जाने चाहिएं।
जगदीश चंद शर्मा, निवासी बड़सर
बाजार में कचरे की समस्या माहमारी का रूप ले सकती है। बाजार में फैली गंदगी में दिनभर आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ गया है। प्रशासन को कचरे का निपटारण करने के लिए कार्य करवाना चाहिए।
बिशन दास सोनी, चिकित्सक

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद

मैहरे बाजार में मुख्य सड़क पर बिखरा कचरा। संवाद