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निलंबित प्रोफेसर को बताओ नोटिस, 10 दिन में मांगा जवाब
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हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के निलंबित मेकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर को अब संस्थान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच के दौरान उन्होंने गलती स्वीकार नहीं की है। अब संस्थान ने उनसे दस दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने संस्थान के रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर मंत्रालय को एक शिकायत भेजी थी। इस शिकायत में नियुक्ति को लेकर पैसों के लेनदेन के आरोप भी थे।
मंत्रालय को भेजी ईमेल कई जगह व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर भी वारयल हुई। संस्थान ने संबंधित प्रोफेसर को बीते माह निलंबित किया है। जबकि संस्थान में एक बैठक के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर निलंबित चल रहे सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर को निलंबन अवधि पूरी होने पर अब संस्थान ने उसका निलंबन रद्द कर दिया है। लेकिन जिस कमेटी को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था, उसने अभी तक अपनी रिपोर्ट संस्थान को नहीं दी है।
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अब इन दोनों प्रवक्ताओं के खिलाफ नियमित जांच शुरू हो चुकी है। इसी साल कैग रिपोर्ट में संस्थान में गलत ट्रांसपोर्ट अलाउंस, पूर्व निदेशक को दोहरी आवास सुविधा, निजी अधिवक्ता को करोड़ों का भुगतान समेत अन्य वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया है। इस सारे मामले की जांच अगले सप्ताह जांच के लिए आने वाले कमेटी करेगी।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने कहा कि मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस दिया है। जबकि सिविल विभाग के प्रवक्ता की निलंबन अवधि पूरी होने के चलते निलंबन रद्द कर दिया है। दोनों मामलों में कमेटी की नियमित जांच चलती रहेगी। अगले सप्ताह एक जांच कमेटी संस्थान में आएगी जो वित्तीय और अन्य मामलों की जांच करेगी।
बाक्स:
गोपनीय दस्तावेज के लीक होने की होगी जांच : प्रो. अवस्थी
एनआईटी हमीरपुर में पिछले एक साल से कई गोपनीय दस्तावेज लीक हो गए हैं। दस्तावेज जो केवल संस्थान के निदेशक और रजिस्ट्रार से संबंधित था, वो संस्थान से बाहर लीक हुआ। संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने कहा कि संस्थान से कुछ गोपनीय सूचनाएं लीक हो रही हैं। इस बारे रजिस्ट्रार को जांच के निर्देश दिए हैं।
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मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने संस्थान के रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर मंत्रालय को एक शिकायत भेजी थी। इस शिकायत में नियुक्ति को लेकर पैसों के लेनदेन के आरोप भी थे।
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मंत्रालय को भेजी ईमेल कई जगह व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर भी वारयल हुई। संस्थान ने संबंधित प्रोफेसर को बीते माह निलंबित किया है। जबकि संस्थान में एक बैठक के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर निलंबित चल रहे सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर को निलंबन अवधि पूरी होने पर अब संस्थान ने उसका निलंबन रद्द कर दिया है। लेकिन जिस कमेटी को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था, उसने अभी तक अपनी रिपोर्ट संस्थान को नहीं दी है।
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अब इन दोनों प्रवक्ताओं के खिलाफ नियमित जांच शुरू हो चुकी है। इसी साल कैग रिपोर्ट में संस्थान में गलत ट्रांसपोर्ट अलाउंस, पूर्व निदेशक को दोहरी आवास सुविधा, निजी अधिवक्ता को करोड़ों का भुगतान समेत अन्य वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र किया है। इस सारे मामले की जांच अगले सप्ताह जांच के लिए आने वाले कमेटी करेगी।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने कहा कि मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस दिया है। जबकि सिविल विभाग के प्रवक्ता की निलंबन अवधि पूरी होने के चलते निलंबन रद्द कर दिया है। दोनों मामलों में कमेटी की नियमित जांच चलती रहेगी। अगले सप्ताह एक जांच कमेटी संस्थान में आएगी जो वित्तीय और अन्य मामलों की जांच करेगी।
बाक्स:
गोपनीय दस्तावेज के लीक होने की होगी जांच : प्रो. अवस्थी
एनआईटी हमीरपुर में पिछले एक साल से कई गोपनीय दस्तावेज लीक हो गए हैं। दस्तावेज जो केवल संस्थान के निदेशक और रजिस्ट्रार से संबंधित था, वो संस्थान से बाहर लीक हुआ। संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने कहा कि संस्थान से कुछ गोपनीय सूचनाएं लीक हो रही हैं। इस बारे रजिस्ट्रार को जांच के निर्देश दिए हैं।