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Hamirpur (Himachal) News: 14 साल से व्यापारियों की राह देख रही जाहू मंडी, सरकारी उपेक्षा का हुई शिकार
Wed, 02 Sep 2026 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:25 AM IST
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प्रदीप कुमार, निवासी खुडला
जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के जाहू में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी फल, सब्जी और अनाज मंडी 14 साल में एक बार भी पूरी तरह गुलजार नहीं हो पाई। कभी किसानों की उम्मीद बनी यह मंडी आज बदहाल व्यवस्था, बंद दुकानों और सरकारी उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है।
मंडी परिसर में पसरी गंदगी, टूटते दरवाजे-खिड़कियां और लंबे समय से बंद पड़ी दुकानें इसकी मौजूदा स्थिति का आईना हैं। सरकारी उपेक्षा के कारण मंडी खंडहर में तबदील होकर कबूतरों का घर बन गई है।
जाहू में तीन जिलों के सीमांत किसानों की सुविधा के लिए मंडी का उद्घाटन एक जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने पूर्व शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान की उपस्थिति में किया था। यहां फल-सब्जी की आठ दुकानें हैं।
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अनाज मंडी के लिए सात दुकानें और सात कार्यालय कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा किसानों की बैठक के लिए बड़ा सामुदायिक कक्ष भी है, जिसमें सात बेड और छह गद्दे रखे हैं। शौचालय के साथ किचन और पीने के पानी की भी सुविधा है।
फल, सब्जी और अनाज मंडी की करीब एक-दो दुकानें ही खुली हैं, जबकि बाकी दुकानों पर लंबे समय से ताले लटके हैं। भवन में लगी खिड़कियां और दरवाजे भी सड़कर टूटने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाहू फल, सब्जी व अनाज मंडी के सही संचालन के लिए न तो पूर्व की भाजपा सरकार और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय किसान अपना अनाज सुलगवान, भांबला और बतैल की दुकानों में बेचते हैं।
इसी तरह फल और सब्जियां जाहू बाजार, भांबला और सुलगवान में बिक रही हैं, जबकि जाहू मंडी अब भी व्यापारियों की राह देख रही है।
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लाखों रुपये की लागत जाहू में बनी सब्जी और अनाज मंडी को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास होने चाहिएं, ताकि स्थानीय किसानों व दुकानदारों को इसका लाभ मिल सकें। -प्रदीप कुमार, निवासी खुडला
सरकार और एपीएमसी को जाहू सब्जी और अनाज मंडी के उत्थान के लिए कार्य करना होगा। इससे पहले इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। बाहर से आने वाली सब्जी की जीपें और टेंपों जाहू सब्जी मंडी में आने चाहिए। -रणजीत सिंह, निवासी हटवाड़
जाहू तीन जिला का संगम स्थल है और यहां की भूमि फल-सब्जी और अनाज उत्पादन के लिए काफी उपयुक्त है। सब्जी और अनाज मंडी के सही संचालन के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। यहां की दुकानें बेरोजगार युवाओं को सस्ते किराये पर देनी चाहिएं। -वीरेंद्र डोगरा, निवासी कड़ोहता
जाहू सब्जी और अनाज मंडी सरकार की उपेक्षा की शिकार है। यहां पर सब्जी और अनाज खरीद का लाखों रुपये कर कारोबार दुकानदार करते हैं। ऐसे में सब्जी और अनाज मंडी क्यों नहीं चलती। इसके लिए सरकार ठोस कदम उठाएं। -शेर सिंह, निवासी कोट
कोट
जाहू फल, सब्जी और अनाज मंडी को चलाने का पूर्ण प्रयास किया गया है। यहां की दुकानें आवंटित की अधिसूचना भी जारी की गई थी, लेकिन दुकानदारों के अभाव से एक-दो दुकानें ही दी गई हैं। सब्जी और अनाज मंडी के सही संचालन के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि किराये में कुछ छूट मिल सकें। -अजय शर्मा, चेयरमैन, एपीएमसी हमीरपुर
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मंडी परिसर में पसरी गंदगी, टूटते दरवाजे-खिड़कियां और लंबे समय से बंद पड़ी दुकानें इसकी मौजूदा स्थिति का आईना हैं। सरकारी उपेक्षा के कारण मंडी खंडहर में तबदील होकर कबूतरों का घर बन गई है।
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जाहू में तीन जिलों के सीमांत किसानों की सुविधा के लिए मंडी का उद्घाटन एक जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने पूर्व शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान की उपस्थिति में किया था। यहां फल-सब्जी की आठ दुकानें हैं।
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अनाज मंडी के लिए सात दुकानें और सात कार्यालय कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा किसानों की बैठक के लिए बड़ा सामुदायिक कक्ष भी है, जिसमें सात बेड और छह गद्दे रखे हैं। शौचालय के साथ किचन और पीने के पानी की भी सुविधा है।
फल, सब्जी और अनाज मंडी की करीब एक-दो दुकानें ही खुली हैं, जबकि बाकी दुकानों पर लंबे समय से ताले लटके हैं। भवन में लगी खिड़कियां और दरवाजे भी सड़कर टूटने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाहू फल, सब्जी व अनाज मंडी के सही संचालन के लिए न तो पूर्व की भाजपा सरकार और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय किसान अपना अनाज सुलगवान, भांबला और बतैल की दुकानों में बेचते हैं।
इसी तरह फल और सब्जियां जाहू बाजार, भांबला और सुलगवान में बिक रही हैं, जबकि जाहू मंडी अब भी व्यापारियों की राह देख रही है।
लाखों रुपये की लागत जाहू में बनी सब्जी और अनाज मंडी को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास होने चाहिएं, ताकि स्थानीय किसानों व दुकानदारों को इसका लाभ मिल सकें। -प्रदीप कुमार, निवासी खुडला
सरकार और एपीएमसी को जाहू सब्जी और अनाज मंडी के उत्थान के लिए कार्य करना होगा। इससे पहले इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। बाहर से आने वाली सब्जी की जीपें और टेंपों जाहू सब्जी मंडी में आने चाहिए। -रणजीत सिंह, निवासी हटवाड़
जाहू तीन जिला का संगम स्थल है और यहां की भूमि फल-सब्जी और अनाज उत्पादन के लिए काफी उपयुक्त है। सब्जी और अनाज मंडी के सही संचालन के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। यहां की दुकानें बेरोजगार युवाओं को सस्ते किराये पर देनी चाहिएं। -वीरेंद्र डोगरा, निवासी कड़ोहता
जाहू सब्जी और अनाज मंडी सरकार की उपेक्षा की शिकार है। यहां पर सब्जी और अनाज खरीद का लाखों रुपये कर कारोबार दुकानदार करते हैं। ऐसे में सब्जी और अनाज मंडी क्यों नहीं चलती। इसके लिए सरकार ठोस कदम उठाएं। -शेर सिंह, निवासी कोट
कोट
जाहू फल, सब्जी और अनाज मंडी को चलाने का पूर्ण प्रयास किया गया है। यहां की दुकानें आवंटित की अधिसूचना भी जारी की गई थी, लेकिन दुकानदारों के अभाव से एक-दो दुकानें ही दी गई हैं। सब्जी और अनाज मंडी के सही संचालन के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि किराये में कुछ छूट मिल सकें। -अजय शर्मा, चेयरमैन, एपीएमसी हमीरपुर

प्रदीप कुमार, निवासी खुडला

प्रदीप कुमार, निवासी खुडला

प्रदीप कुमार, निवासी खुडला

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