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Hamirpur (Himachal) News: बीज विक्रेताओं के बनेंगे जीवनभर के लिए लाइसेंस
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के सभी बीज विक्रेताओं के इस बार जीवनभर के लिए लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। इससे विक्रेताओं को हर साल कार्यालयोंं के चक्कर काटने से छुटकारा मिल जाएगा। इससे पहले विक्रेताओं को अपने लाइसेंस का नवीकरण करवाने के लिए हर साल दस्तावेजों को जुटाकर कार्यालयों में जमा करवाना होता था। अब ऐसा नहीं होगा। कंपनियों ने बीज और कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओंं को इस बार प्रिसिंपल प्रमाण पत्र जीवनभर के लिए दिए हैं। इससे बीज विक्रेताओं को कृषि विभाग के दफ्तर में हर साल चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाएगा। प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के जीवनभर के बने होने के कारण विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा। जिला हमीरपुर में सौ से अधिक बीज और कीटनाशक विक्रेता हैं। ये जिला के छोटे-छोटे शहरों में अपनी दुकानों में बीजों और कीटनाशकों को बेचते हैं। इन्हें लाइसेंस लेने के लिए डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर करवाया जाता है। इसके लिए व्यक्ति दसवीं पास होना चाहिए।
कुछ वर्ष पूर्व विभाग ने इन विक्रेताओं को देसी (डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर) के प्रमाण पत्र प्रशिक्षण देकर प्रदान किए। इन्हें देसी कार्यक्रम का एक साल का प्रशिक्षण प्रदान करके बीज और कीटनाशकों की दुकानें खोलने के लिए लाइसेंस भी प्रदान किए गए। अब कृषि विभाग नए बीज विक्रेताओं को देसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण जिला हमीरपुर की आत्मा परियोजना के तहत प्रदान कर रहा है। इसके लिए इन पेशावर लोगोंं की छुट्टी के दिन या फिर रविवार को कक्षाएं लगाई जाती हैं ताकि इनके परिवारों का भरण पोषण भी होता रहे। इन विक्रेताओं को साल में 56 दिन कक्षाएं लगानी होती हैं। इसके लिए प्रशिक्षुओं को शुल्क के तौर पर बीस हजार रुपये अदा करने होते हैं।
कृषि विभाग जिला हमीरपुर के उपनिदेशक सुरेश कुमार धीमान ने बताया कि जिले में 100 के करीब पीपीएम लाइसेंसधारक हैं। इसके लिए इन्हें लाइसेंस का नवीकरण करवाना होता था। अब विक्रेताओं के लाइसेंस जीवनभर के लिए बनाए जा रहे हैं।
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कुछ वर्ष पूर्व विभाग ने इन विक्रेताओं को देसी (डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर) के प्रमाण पत्र प्रशिक्षण देकर प्रदान किए। इन्हें देसी कार्यक्रम का एक साल का प्रशिक्षण प्रदान करके बीज और कीटनाशकों की दुकानें खोलने के लिए लाइसेंस भी प्रदान किए गए। अब कृषि विभाग नए बीज विक्रेताओं को देसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण जिला हमीरपुर की आत्मा परियोजना के तहत प्रदान कर रहा है। इसके लिए इन पेशावर लोगोंं की छुट्टी के दिन या फिर रविवार को कक्षाएं लगाई जाती हैं ताकि इनके परिवारों का भरण पोषण भी होता रहे। इन विक्रेताओं को साल में 56 दिन कक्षाएं लगानी होती हैं। इसके लिए प्रशिक्षुओं को शुल्क के तौर पर बीस हजार रुपये अदा करने होते हैं।
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कृषि विभाग जिला हमीरपुर के उपनिदेशक सुरेश कुमार धीमान ने बताया कि जिले में 100 के करीब पीपीएम लाइसेंसधारक हैं। इसके लिए इन्हें लाइसेंस का नवीकरण करवाना होता था। अब विक्रेताओं के लाइसेंस जीवनभर के लिए बनाए जा रहे हैं।
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