फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   retired principal cultivated 10 quintals of turmeric using natural farming methods

Hamirpur: सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ने प्राकृतिक खेती कर उगाई 10 क्विंटल हल्दी, इतने रुपये किलो मिले दाम

Tue, 20 Jan 2026 11:59 AM IST
Krishan Singh कमलेश रतन भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।
कमलेश रतन भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 20 Jan 2026 11:59 AM IST
सार

 प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं को 60 रुपये प्रति किलो और मक्की को 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है, वहीं कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलो दाम निर्धारित किया गया है।  

विज्ञापन
retired principal cultivated 10 quintals of turmeric using natural farming methods
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ने प्राकृतिक खेती कर उगाई 10 क्विंटल हल्दी। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्राकृतिक खेत को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने और इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयास काफी अच्छे परिणाम ला रहे हैं। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं को 60 रुपये प्रति किलो और मक्की को 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है, वहीं कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलो दाम निर्धारित किया गया है।   इस योजना से प्रभावित होकर हल्दी की खेती शुरू करने वाले भोरंज उपमंडल की ग्राम पंचायत भुक्कड़ के गांव बैरी ब्राहम्णा के शिक्षाविद सुभाष कपिला और उनकी पत्नी उर्मिला कपिला ने इस सीजन में लगभग 10 क्विंटल हल्दी पैदा करके क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

विज्ञापन

 स्कूल प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त 76 वर्षीय सुभाष कपिला और शिक्षा विभाग से ही टीजीटी के पद से सेवानिवृत्त उनकी पत्नी उर्मिला कपिला का बेटा डेंटल सर्जन और बहू सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद सुभाष कपिला और उर्मिला कपिला ने खेती नहीं छोड़ी है। वे अपने खेतों में रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते हैं।  सरकार ने जब प्रदेश में प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली फसलों के लिए अलग से उच्च दाम निर्धारित किए तो वयोवृद्ध कपिला दंपती ने हल्दी उगाने का निर्णय लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कृषि विभाग की एसएमएस मोनिका शर्मा और अन्य अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा विभाग से हल्दी का बीज भी लिया।  सुभाष कपिला ने बताया कि इस सीजन में उन्हें लगभग 10 क्विंटल पैदावार हुई है। उनका कहना है कि हल्दी की खेती में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है और यह ऐसी फसल है, जिसे जंगली जानवर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इसके लिए रासायनिक खाद या कीटनाशकों की जरुरत भी नहीं होती है। प्रदेश सरकार इसे 90 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है। इसलिए, हल्दी की खेती में किसानों को फायदा ही फायदा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed