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रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल, अधिकतर ओपीडी में महज एक डॉक्टर, मुश्किल में मरीज
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मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के गेट पर प्रदर्शन करते रेजिडेंट डॉक्टर।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। समय सुबह दस बजकर 50 मिनट हुए हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की आंख रोग ओपीडी के बाहर उपचार के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी है। वृद्ध मरीज कतार में खड़े नहीं हो सकते थे, इस कारण साथ लगी कुर्सियों पर बैठे हुए हैं। ओपीडी के अंदर महज एक असिस्टेंट प्रोफेसर महिला चिकित्सक सेवाएं दे रही हैं। रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण ओपीडी में महज एक चिकित्सक है। 10 बजकर 55 मिनट पर ईएनटी ओपीडी में भी महज एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जबकि शेष कुर्सियां खाली हैं।
11 बजे स्त्री रोग ओपीडी के बाहर करीब 80 महिलाएं अपनी बारी के इंतजार में बैठी हैं। यहां मरीजों की भीड़ अधिक है। ओपीडी में तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। 11.05 पर हड्डी रोग ओपीडी में एक असिस्टेंट प्रोफेसर सेवाएं दे रहे हैं। मेडिसिन की दोनों ओपीडी के बाहर भीड़ लगी है और दोनों तरफ एक-एक चिकित्सक हैं। शिशु रोग ओपीडी में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। यहां दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जिनमें से एक की ड्यूटी कहीं और लगी है, जबकि एक वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, रेजिडेंट चिकित्सक हड़ताल पर होने के कारण महज आपातकालीन सेवाएं ही दी गईं। शिशुओं की अन्य जांच को आए अभिभावकों को इंतजार करना पड़ा।
11.11 बजे एक महिला सुबह से भूखे शिशु को फर्श पर बैठकर ही दूध पिलाने लगी। सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक रही रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। महज एक-एक चिकित्सक ओपीडी में होने के कारण मरीजों के उपचार में देरी हुई। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट चिकित्सकों के आह्वान पर नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में चिकित्सकों ने यह हड़ताल की। रेजिडेंट चिकित्सक एसोसिएशन हमीरपुर के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ने कहा कि दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट चिकित्सकों के आह्वान पर नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में की गई। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं दी गईं।
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क्या कहते हैं मरीज-
दो घंटे से खड़े हैं ओपीडी के बाहर : जोगिंद्र
जोगिंद्र सिंह ने कहा कि दो घंटों से आंखों की ओपीडी के बाहर खड़े हैं। एक चिकित्सक ही मरीजों का उपचार कर रही हैं। इलाज में देरी होने के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डायलिसिस के लिए हो रही देरी: अमर
अमर नाथ का डायलिसिस होना है। इसके लिए पहले आंखों की जांच होनी है, लेकिन आंख रोग ओपीडी में एक चिकित्सक है और ओपीडी के बाहर लंबी कतार लगी है। इसके चलते वह कुर्सी पर बैठ गए हैं। आंख जांच में देरी के चलते डायलिसिस में भी देरी हो रही है।
प्लास्टर खुलवाने के लिए करना पड़ा इंतजार : सोनू
सोनू ने बताया कि उसकी टांग का प्लास्टर खुलना है। काफी देर से ओपीडी के बाहर व्हील चेयर पर बैठे हैं। ओपीडी में एक चिकित्सक है और ओपीडी के बाहर भीड़ है। इस कारण नंबर नहीं लग रहा है।
बच्चों की ओपीडी में नहीं कोई चिकित्सक : साहिल
साहिल कुमार ने कहा कि अपने बच्चे को दिखाने के लिए पौने दस बजे से शिशु रोग ओपीडी के बाहर खड़े हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए हैं। बताया गया कि एक चिकित्सक वार्ड में हैं। जबकि शेष साढ़े ग्यारह बजे हड़ताल के बाद आएंगे।
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11 बजे स्त्री रोग ओपीडी के बाहर करीब 80 महिलाएं अपनी बारी के इंतजार में बैठी हैं। यहां मरीजों की भीड़ अधिक है। ओपीडी में तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। 11.05 पर हड्डी रोग ओपीडी में एक असिस्टेंट प्रोफेसर सेवाएं दे रहे हैं। मेडिसिन की दोनों ओपीडी के बाहर भीड़ लगी है और दोनों तरफ एक-एक चिकित्सक हैं। शिशु रोग ओपीडी में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। यहां दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जिनमें से एक की ड्यूटी कहीं और लगी है, जबकि एक वार्ड में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, रेजिडेंट चिकित्सक हड़ताल पर होने के कारण महज आपातकालीन सेवाएं ही दी गईं। शिशुओं की अन्य जांच को आए अभिभावकों को इंतजार करना पड़ा।
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11.11 बजे एक महिला सुबह से भूखे शिशु को फर्श पर बैठकर ही दूध पिलाने लगी। सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक रही रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। महज एक-एक चिकित्सक ओपीडी में होने के कारण मरीजों के उपचार में देरी हुई। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट चिकित्सकों के आह्वान पर नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में चिकित्सकों ने यह हड़ताल की। रेजिडेंट चिकित्सक एसोसिएशन हमीरपुर के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ने कहा कि दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट चिकित्सकों के आह्वान पर नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के विरोध में की गई। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं दी गईं।
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क्या कहते हैं मरीज-
दो घंटे से खड़े हैं ओपीडी के बाहर : जोगिंद्र
जोगिंद्र सिंह ने कहा कि दो घंटों से आंखों की ओपीडी के बाहर खड़े हैं। एक चिकित्सक ही मरीजों का उपचार कर रही हैं। इलाज में देरी होने के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डायलिसिस के लिए हो रही देरी: अमर
अमर नाथ का डायलिसिस होना है। इसके लिए पहले आंखों की जांच होनी है, लेकिन आंख रोग ओपीडी में एक चिकित्सक है और ओपीडी के बाहर लंबी कतार लगी है। इसके चलते वह कुर्सी पर बैठ गए हैं। आंख जांच में देरी के चलते डायलिसिस में भी देरी हो रही है।
प्लास्टर खुलवाने के लिए करना पड़ा इंतजार : सोनू
सोनू ने बताया कि उसकी टांग का प्लास्टर खुलना है। काफी देर से ओपीडी के बाहर व्हील चेयर पर बैठे हैं। ओपीडी में एक चिकित्सक है और ओपीडी के बाहर भीड़ है। इस कारण नंबर नहीं लग रहा है।
बच्चों की ओपीडी में नहीं कोई चिकित्सक : साहिल
साहिल कुमार ने कहा कि अपने बच्चे को दिखाने के लिए पौने दस बजे से शिशु रोग ओपीडी के बाहर खड़े हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए हैं। बताया गया कि एक चिकित्सक वार्ड में हैं। जबकि शेष साढ़े ग्यारह बजे हड़ताल के बाद आएंगे।