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सूखे की स्थिति में करें बगीचों का उचित प्रबंधन : शर्मा
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कम बारिश के चलते कम करें नए फलदार पौधे रोपित
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। वर्षा ऋतुु में फलदार पौधों के बगीचे का उचित प्रबंध बहुत आवश्यक है। इस ऋतु में बगीचे में कई तरह की क्रियाएं करनी जरूरी होती हैं। जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश होने पर बगीचों के रखरखाव को लेकर इस मौसम में चलने वाली प्रक्रिया में बदलाव लाना वैज्ञानिकों के अनुसार जरूरी है। फल विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉॅ. शशि शर्मा ने कहा कि कम बारिश के चलते फिलहाल नए फलदार पौधों को नहीं लगाना चाहिए। जोरदार बारिश होने पर ही पौधरोपण करना चाहिए।
सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए अमरूद और नींबू प्रजाति के पौधों की नियमित सिंचाई करनी चाहिए। ऐसा न करने की स्थिति में फलदार पौधों के फल गिरने शुरू हो जाते हैं। फलदार पौधों के तौलियों में हल्की गुड़ाई करके खरपतवार को बाहर निकाल देना चाहिए। इस तरह से तौलिये से जल निकासी का भी उचित प्रबंध करना चाहिए। प्रदेश के निचले क्षेत्रों में लीची के ऊपर गुट्टी बांधने का यह उचित समय है। वहीं आम की विनीयर ग्राफ्टिंग करने और अमरूद पर गुट्टी बांधने का समय भी अनुकूल है। आम की नर्सरी तैयार करने के लिए आम की गुठलियों को इकट्ठा करके इनका रोपण क्यारियों में किया जा सकता है। वहीं, महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धर्मपाल शर्मा ने कहा कि बगीचों के रखरखाव को लेकर मौसम के अंतर्गत नौणी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय नेरी के वैज्ञानिकों की ओर से तकनीकी दिशा निर्देश दिए जाते हैं। यदि किसान दिए गए दिशा निर्देशों के तहत कृषि कार्यों को करें तो अधिक से अधिक फसल को प्राप्त कर सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। वर्षा ऋतुु में फलदार पौधों के बगीचे का उचित प्रबंध बहुत आवश्यक है। इस ऋतु में बगीचे में कई तरह की क्रियाएं करनी जरूरी होती हैं। जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश होने पर बगीचों के रखरखाव को लेकर इस मौसम में चलने वाली प्रक्रिया में बदलाव लाना वैज्ञानिकों के अनुसार जरूरी है। फल विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉॅ. शशि शर्मा ने कहा कि कम बारिश के चलते फिलहाल नए फलदार पौधों को नहीं लगाना चाहिए। जोरदार बारिश होने पर ही पौधरोपण करना चाहिए।
सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए अमरूद और नींबू प्रजाति के पौधों की नियमित सिंचाई करनी चाहिए। ऐसा न करने की स्थिति में फलदार पौधों के फल गिरने शुरू हो जाते हैं। फलदार पौधों के तौलियों में हल्की गुड़ाई करके खरपतवार को बाहर निकाल देना चाहिए। इस तरह से तौलिये से जल निकासी का भी उचित प्रबंध करना चाहिए। प्रदेश के निचले क्षेत्रों में लीची के ऊपर गुट्टी बांधने का यह उचित समय है। वहीं आम की विनीयर ग्राफ्टिंग करने और अमरूद पर गुट्टी बांधने का समय भी अनुकूल है। आम की नर्सरी तैयार करने के लिए आम की गुठलियों को इकट्ठा करके इनका रोपण क्यारियों में किया जा सकता है। वहीं, महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धर्मपाल शर्मा ने कहा कि बगीचों के रखरखाव को लेकर मौसम के अंतर्गत नौणी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय नेरी के वैज्ञानिकों की ओर से तकनीकी दिशा निर्देश दिए जाते हैं। यदि किसान दिए गए दिशा निर्देशों के तहत कृषि कार्यों को करें तो अधिक से अधिक फसल को प्राप्त कर सकते हैं।
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