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हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का पांचवां बैच बैठाने की प्रक्रिया शुरू
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्ण्न राजकीय मेडिकल कॉलेज शीघ्र ही एमबीबीएस के पांचवें बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। एमबीबीएस के 5वें बैच में प्रवेश के लिए एनएमसी की ओर से मान्यता दी जाएगी। इसके लिए पहले एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) की टीम मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर निर्धारित विभिन्न मानदंडों का आकलन करेगी। एनएमसी को पूर्व में एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के नाम से जाना जाता था। कॉलेज इन मापदंडों को पूरा करता है तो ही नए बैच में प्रवेश के लिए अनुमति दी जाती है।
सरकार की ओर से टांडा और आईजीएमसी शिमला से फैकल्टी को प्रतिनियुक्ति पर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मानव संसाधन की ओर से आधारभूत ढांचे, रोगी देखभाल और कई अन्य बिंदुओं पर कॉलेजों का मूल्यांकन किया जाता है और यदि वे मानकों को पूरा करते हैं तो अनुमति प्रदान की जाती है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमेश चौहान ने बताया कि फैकल्टी स्ट्रेंथ और पैरामेडिकल उपलब्धता का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल की पूरी स्ट्रेंथ है। इसके अतिरिक्त फैकल्टी स्ट्रेंथ की संख्या भी काफी संतोषजनक है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एनएमसी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला से शिक्षकों को तैनात किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस निरीक्षण के लिए फैकल्टी सदस्यों को तैनात किया गया है और सभी सदस्यों को हमीरपुर में रहने के लिए उपयुक्त आवास सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत दिनों कुछ राजपत्रित छुट्टियां थीं, इसलिए फैकल्टी सदस्य अपने घर वापस चले गए थे, लेकिन अब लोगों को बहुमूल्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फैकल्टी सदस्यों की सभी बुनियादी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
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सरकार की ओर से टांडा और आईजीएमसी शिमला से फैकल्टी को प्रतिनियुक्ति पर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मानव संसाधन की ओर से आधारभूत ढांचे, रोगी देखभाल और कई अन्य बिंदुओं पर कॉलेजों का मूल्यांकन किया जाता है और यदि वे मानकों को पूरा करते हैं तो अनुमति प्रदान की जाती है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमेश चौहान ने बताया कि फैकल्टी स्ट्रेंथ और पैरामेडिकल उपलब्धता का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल की पूरी स्ट्रेंथ है। इसके अतिरिक्त फैकल्टी स्ट्रेंथ की संख्या भी काफी संतोषजनक है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एनएमसी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला से शिक्षकों को तैनात किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस निरीक्षण के लिए फैकल्टी सदस्यों को तैनात किया गया है और सभी सदस्यों को हमीरपुर में रहने के लिए उपयुक्त आवास सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत दिनों कुछ राजपत्रित छुट्टियां थीं, इसलिए फैकल्टी सदस्य अपने घर वापस चले गए थे, लेकिन अब लोगों को बहुमूल्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फैकल्टी सदस्यों की सभी बुनियादी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
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