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बंगाल में बदलेगा सियासी समीकरण : राणा
Sat, 25 Apr 2026 02:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:20 AM IST
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बस अड्डा हमीरपुर में टेंडर राशि की बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए अधिक मतदान से साफ संकेत मिलते हैं कि वहां ममता बनर्जी का वर्चस्व कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि महिला विधेयक पारित न होने से महिलाओं में नाराजगी है, जिसका असर चुनाव में देखने को मिलेगा।
हमीरपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राणा ने कहा कि देशभर में भी महिलाओं में कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश है और वे देश को कांग्रेस मुक्त देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिला विधेयक पारित होता, तो महिलाओं के आरक्षण वाली सीटों में बढ़ोतरी संभव थी।
इस दौरान उन्होंने बस अड्डा परियोजना के टेंडर को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। राणा ने सवाल उठाया कि 36 करोड़ रुपये का टेंडर आखिर कैसे बढ़कर 135 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में सभी मानकों का ध्यान रखा जाता है और यदि कोई कमी रह जाती है तो नियमों के तहत केवल 10 प्रतिशत तक ही वृद्धि की जा सकती है।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग को आवश्यकता थी तो नया टेंडर जारी किया जा सकता था। राणा के अनुसार, 46 करोड़ रुपये के टेंडर को 36 करोड़ रुपये में लेने के बाद बिना नई प्रक्रिया के राशि बढ़ाना सवाल खड़े करता है।
राणा ने कहा कि बस अड्डा अब भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। साथ ही उन्होंने रिकांगपिओ में 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा ग्रेड-एक और ग्रेड-दो अधिकारियों की सैलरी में कटौती न करने की घोषणा और 18 अप्रैल को कटौती की अधिसूचना जारी होने को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए अधिक मतदान से साफ संकेत मिलते हैं कि वहां ममता बनर्जी का वर्चस्व कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि महिला विधेयक पारित न होने से महिलाओं में नाराजगी है, जिसका असर चुनाव में देखने को मिलेगा।
हमीरपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान राणा ने कहा कि देशभर में भी महिलाओं में कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश है और वे देश को कांग्रेस मुक्त देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिला विधेयक पारित होता, तो महिलाओं के आरक्षण वाली सीटों में बढ़ोतरी संभव थी।
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इस दौरान उन्होंने बस अड्डा परियोजना के टेंडर को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। राणा ने सवाल उठाया कि 36 करोड़ रुपये का टेंडर आखिर कैसे बढ़कर 135 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में सभी मानकों का ध्यान रखा जाता है और यदि कोई कमी रह जाती है तो नियमों के तहत केवल 10 प्रतिशत तक ही वृद्धि की जा सकती है।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग को आवश्यकता थी तो नया टेंडर जारी किया जा सकता था। राणा के अनुसार, 46 करोड़ रुपये के टेंडर को 36 करोड़ रुपये में लेने के बाद बिना नई प्रक्रिया के राशि बढ़ाना सवाल खड़े करता है।
राणा ने कहा कि बस अड्डा अब भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। साथ ही उन्होंने रिकांगपिओ में 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा ग्रेड-एक और ग्रेड-दो अधिकारियों की सैलरी में कटौती न करने की घोषणा और 18 अप्रैल को कटौती की अधिसूचना जारी होने को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।