{"_id":"6ad13ac47115294a02048f65","slug":"outstanding-rent-for-shops-under-the-sujanpur-municipal-council-has-reached-one-crore-rupees-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1029-212122-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: सुजानपुर नगर परिषद की दुकानों का बकाया किराया एक करोड़ रुपये पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: सुजानपुर नगर परिषद की दुकानों का बकाया किराया एक करोड़ रुपये पहुंचा
Fri, 16 Oct 2026 02:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:12 AM IST
विज्ञापन
सुजानपुर। नगर परिषद सुजानपुर की किराये पर दी गई दुकानों का बकाया किराया करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। लंबे समय से किराया जमा नहीं होने के कारण परिषद के राजस्व पर असर पड़ रहा है, जिससे शहर के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
अब नगर परिषद प्रशासन बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। नगर परिषद ने शहर में व्यापार को बढ़ावा देने, लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर व्यावसायिक दुकानों का निर्माण करवाया था।
इन दुकानों को नियमानुसार व्यापारियों और स्थानीय लोगों को किराये पर आवंटित किया गया। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से कई दुकानदार नियमित रूप से किराया जमा नहीं करवा रहे हैं, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती गई।
विज्ञापन
नगर परिषद प्रशासन की ओर से दुकानदारों को किराया जमा करवाने के लिए समय-समय पर नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि की वसूली नहीं हो पाई। कुछ दुकानदारों पर लाखों रुपये का किराया लंबित है।
दुकानों से मिलने वाला किराया नगर परिषद की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राशि से शहर में साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव, नालियों के निर्माण और सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न जनसुविधाओं पर खर्च किया जाता है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये का किराया बकाया रहने से परिषद की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।
कोट
दुकानदारों से अपील की है कि वे अपना बकाया किराया जल्द जमा करवाएं, ताकि शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक धन उपलब्ध हो सके। लंबे समय से किराया जमा नहीं करवाने वाले दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -हर्षित शर्मा, नगर परिषद अधिकारी
संशोधन : सोनम शर्मा
विज्ञापन
अब नगर परिषद प्रशासन बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। नगर परिषद ने शहर में व्यापार को बढ़ावा देने, लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर व्यावसायिक दुकानों का निर्माण करवाया था।
विज्ञापन
इन दुकानों को नियमानुसार व्यापारियों और स्थानीय लोगों को किराये पर आवंटित किया गया। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से कई दुकानदार नियमित रूप से किराया जमा नहीं करवा रहे हैं, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती गई।
विज्ञापन
नगर परिषद प्रशासन की ओर से दुकानदारों को किराया जमा करवाने के लिए समय-समय पर नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि की वसूली नहीं हो पाई। कुछ दुकानदारों पर लाखों रुपये का किराया लंबित है।
दुकानों से मिलने वाला किराया नगर परिषद की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राशि से शहर में साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव, नालियों के निर्माण और सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न जनसुविधाओं पर खर्च किया जाता है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये का किराया बकाया रहने से परिषद की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।
कोट
दुकानदारों से अपील की है कि वे अपना बकाया किराया जल्द जमा करवाएं, ताकि शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक धन उपलब्ध हो सके। लंबे समय से किराया जमा नहीं करवाने वाले दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -हर्षित शर्मा, नगर परिषद अधिकारी
संशोधन : सोनम शर्मा